साइबर क्राइम (सांकेतिक तस्वीर)
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इसी तरह घौसाबाद निवासी करीम खान को भी साइबर जालसाजों ने निशाना बनाया और बैंक खाते से 50 हजार रकम खींच ली। साइबर सेल ने रुपये वापस कराए। चौकाघाट निवासी ओमप्रकाश भी साइबर जालसाज के चक्कर में फंसकर अपने 49 हजार गंवा दिए थे लेकिन साइबर सेल ने 49 हजार वापस कराया।
सुंदरपुर के रहने वाले आकाश का 45 हजार 531 रुपये वापस खाते में दिलाया गया। अर्दली बाजार निवासी प्रवेश पांडेय का एक लाख दो हजार रुपये होल्ड कराया गया, जिसमें 60 हजार रुपये रिफंड हुआ।
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि एक जनवरी से अब तक साइबर सेल द्वारा पीड़ितों का 16 लाख 28 हजार 342 रुपये वापस कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि बैंक संबंधित संवेदनशील जानकारी जैसे कि ओटीपी, पिन, सीवीवी आदि किसी के साथ साझा न करें।
अपने मोबाइल फोन में किसी के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग एप जैसे कि ऐनी डेस्क क्विक सपोर्ट टीम विवर आदि इंस्टाल न करें। गूगल सर्च पर कस्टमर केयर के नाम से उपलब्ध नंबरों पर बिना जांचे-परखे विश्वास न करें। लोन केवल विश्वसनीय बैंक और आर्थिक संस्थान आदि से ही प्राप्त करें।
क्रेडिट कार्ड एक्टीवेशन, ब्लॉक, केवाईसी के नाम पर किसी भी व्यक्ति को बैंक संबंधित संवेदनशील जानकारी उपलब्ध कराने से बचें। सोशल साइट आदि वेबसाइट पर उपलब्ध सामग्रियों का भुगतान भौतिक सत्यापन के बिना न करें। साइबर फ्राड होने पर तत्काल 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
कमिश्नरेट वाराणसी से संबंधित हो तो साइबर सेल नंबर 7839856954 पर संपर्क करें। पुलिस आयुक्त के अनुसार साइबर अपराधों के नियंत्रण के लिए प्रत्येक थानों पर साइबर हेल्प डेस्क को क्रियान्वयन को लेकर निर्देशित किया गया है। थानों पर स्थापित साइबर हेल्प डेस्क डायरेक्ट साइबर सेल से समन्वय स्थापित करते हुए थाना स्तर से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही करेगी।
सर्विलांस व साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक अंजनी कुमार पांडेय, निरीक्षक शांतनु सिंह, परवेज अख्तर, सुनील कुमार, मनीष कुमार वर्मा, अखिलेश सोनकर, आदर्श आनन्द सिंह, विराट सिंह को पुलिस आयुक्त ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।