सावन के प्रत्येक सोमवार को काशी के प्रमुख शिवालयों में 13 लाख से अधिक श्रद्धालु हाजिरी लगाएंगे। पिछले वर्षों के दर्शनार्थियों की संख्या के आधार पर यह अनुमानित आंकड़ा है जिला पुलिस का। इस आधार पर भीड़ और यातायात नियंत्रण की पुख्ता रणनीति बनाई गई है। साथ ही, सुरक्षा तैयारियों को भी अंतिम रूप दे दिया गया है। आतंकी घटनाओं के मद्देनजर इस बार यहां एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड और पीएसी के कमांडो सहित 4500 से ज्यादा जवान तैनात किए जाएंगे। ड्रोन कैमरों के जरिये आसमान से निगहबानी होगी। दशाश्वमेध और चौक क्षेत्र में 15 स्थानों पर रूफ टॉप फोर्स की भी तैनाती की जाएगी।
जिला पुलिस के अनुसार, सावन के प्रत्येक सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में औसतन ढाई लाख, बीएचयू विश्वनाथ मंदिर में डेढ़ लाख, मृत्युंजय महादेव मंदिर में एक लाख, केदारेश्वर मंदिर में डेढ़ लाख, तिलभांडेश्वर मंदिर में एक लाख और ओंकारेश्वर महादेव मंदिर में एक लाख जबकि देहात क्षेत्र के मारकंडेय महादेव मंदिर में दो लाख, रामेश्वर महादेव में एक लाख, शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर में डेढ़ लाख श्रद्धालु आते हैं। इस बार 13 टीयर गैस स्क्वॉड, सात एंटी राइट गन, दो मोटर बोट, तीन फायर टैंकर के साथ 13 एडिशनल एसपी, 30 डिप्टी एसपी, 471 एसआई, 262 हेड कांस्टेबल, 1540 कांस्टेबल, 27 महिला एसआई व 160 महिला सिपाही, ट्रैफिक पुलिस के 188 जवान, दो कंपनी आरएएफ, सात कंपनी पीएसी, एक कंपनी और एक प्लाटून पीएसी बाढ़ राहत दल और चार टीम एटीएस कमांडो की मुस्तैद रहेगी। एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि पुख्ता तैयारियां की गई हैं। दर्शनार्थियों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र स्थित रेड जोन के 22 मकानों और येलो जोन के 655 मकानों और दूकानों की निगहबानी सावन भर खुफिया विभाग के जवान करेंगे। कांवरिया मार्गों, गंगा घाटों और सभी प्रमुख शिवालयों पर रोजाना बम निरोधक दस्ता और एंटी माइंस डिटेक्शन यूनिट चेकिंग करेगी। वाराणसी जिले में प्रवेश से पहले संबंधित क्षेत्र के थानेदार सीमा पर यह तस्दीक करेंगे कि डीजे के साथ कांवरिया आगे न बढ़ने पाएं। डीजे के साथ आगे बढ़ने पर उसके एंप्लीफायर को संबंधित कांवरियों के नाम-पते के साथ थाने में जमा कर दिया जाएगा और वापसी के दौरान उन्हें लौटा दिया जाएगा।