किसी भी विषम परिस्थिति से निपटने के लिए 50 सिपाहियों को कमांडो की तर्ज पर विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। यह ट्रेनिंग 10 अप्रैल से जिले में शुरू हो गई है। एक माह तक चलने वाली इस ट्रेनिंग के दौरान सिपाहियों को अपराध नियंत्रण, दंगा नियंत्रण, बड़ी मुठभेड़ के लिए तैयार किया जा रहा ताकि जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल किया जाएगा।
आजमगढ़ जिले में शुरू हुई इस नई व्यवस्था में शामिल इन सिपाहियों की वर्दी भी अलग किस्म की होगी। त्वरित कार्रवाई बल (क्यूआरटी) के लिए प्रत्येक थानों से दो-दो नए सिपाहियों को पुलिस लाइन में रिजर्व रखा जाता है। कहीं भी कानून व्यवस्था बिगड़ने पर इन्हें वहां तैनात कर दिया जाता है।
यह व्यवस्था तो बहुत पुरानी है। अब तक जिले में क्यूआरटी महज खानापूर्ति होती थी। इसमें शामिल होने वाले सिपाही सिर्फ आराम फरमाते थे लेकिन बदलते आपराधिक ट्रेंड और घटनाक्रमों को देखते हुए एसपी आनंद कुलकर्णी ने क्यूआरटी टीम को और मजबूत करने के उद्देश्य से सभी सिपाहियों को कमांडो की तर्ज पर ट्रेनिंग देने की योजना तैयार की है।
दस अप्रैल से शुरू हुई इन सिपाहियों की ट्रेनिंग के दौरान इन्हें शारीरिक रूप से दक्ष, 10 मीटर तक की ऊंची दीवार पर आसानी से चढ़ना और उसे फांदकर आगे निकल जाना, सभी प्रकार के शस्त्र चलाने में माहिर, अचूक निशाना लगाने आदि की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है।
ट्रेनिंग पाने वाले सिपाहियों की वर्दी भी अन्य पुलिसवालों से हटकर होगी। हालांकि अभी वर्दी किस कलर की होगी। इस पर विचार नहीं किया जा सका है। करीब एक माह तक की कड़ी ट्रेनिंग पूरा करने वाले इन 50 सिपाहियों का उपयोग अपराध नियंत्रण, भीड़ को काबू में करने, किसी आपातकाल के समय इनका उपयोग करना होगा।
आजमगढ़ जिले में शुरू हुई यह ट्रेनिंग प्रदेश में एक नई व्यवस्था है। पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी ने बताया कि 50 सिपाहियों को कमांडो की तर्ज पर ट्रेनिंग दी जा रही है। इनकी वर्दी भी पुलिस से हटकर होगी। हालांकि अभी कलर का चयन नहीं हो सका है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद इन जवानों का इस्तेमाल किसी भी विकट परिस्थिति में किया जाएगा।