जाम से निजात के लिए 36 स्थानों पर लगेंगे बैरियर
डीसीपी काशी जोन ने बताया कि प्रमुख मंदिरों, गंगा घाटों और पर्यटन स्थलों की ओर वाहन न जाने पाएं, इसके लिए 36 स्थानों पर बैरियर लगाए जाएंगे। सभी एसीपी, थानाध्यक्षों और चौकी प्रभारियों को भीड़ प्रबंधन की जानकारी दी गई है। यातायात व्यवस्था पर विशेष रूप से ध्यान देने के लिए कहा गया है।
किसी भी सूरत में कहीं जाम न लगने पाए, इसके लिए पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरतेगी। उधर, डीसीपी वरुणा जोन चंद्रकांत मीना ने बताया कि नव वर्ष के पहले दिन छावनी क्षेत्र और सारनाथ में भी सैलानियों की सुरक्षा और निगरानी के मद्देनजर विशेष प्रबंध रहेंगे।
बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए गलियों से होकर मंदिर परिसर में पहुंचे भक्त।
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कालभैरव मंदिर में दर्शन के लिए लगी 3 किलोमीटर लंबी लाइन, विश्वनाथ मंदिर में लगातार 13 घंटे तक दर्शन-पूजन
काशी के कोतवाल काल भैरव के दर्शन-पूजन के लिए शनिवार को तीन किलोमीटर लंबी लाइन लगी। इसी तरह श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शनार्थियों की लंबी कतार लगी रही। लगातार 13 घंटे तक दर्शन-पूजन चलते रहे। वहीं, मंदिर प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, शयन आरती तक सवा तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा दरबार में दर्शन किए।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और बाबा कालभैरव के दरबार में शनिवार को भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कालभैरव मंदिर में श्रद्धालुओं का दबाव इतना बढ़ा कि गली में तीन लाइन में श्रद्धालु कतारबद्ध हो गए। इसका अंतिम छोर बीवीहटिया, राजमंदिर और जतनबर के आगे तक रहा।
इसकी वजह से स्थानीय निवासी घरों में ही रह गए। घरों से वाहन तक नहीं निकाले जा सके। इस कारण स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में कई बाहर बहस भी हुई। एक महिला ने पुलिस कर्मी पर बेटी के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।
वहीं श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती के बाद से ही आम श्रद्धालुओं ने बाबा के झांकी दर्शन शुरू कर दिए थे। श्रद्धालुओं की कतार गोदौलिया से आगे तक लगी और देर शाम तक बस श्रद्धालु इसमें जुड़ते रहे। शाम को छह बजे के बाद तक श्रद्धालुओं की कतार बांसफाटक के आगे तक लगी रही।
काशी विश्वनाथ मंदिर में आरती, दर्शन और रुद्राभिषेक की बुकिंग 27 जनवरी तक फुल
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को बाबा की चारों प्रहर की आरती, रुद्राभिषेक और सुगम दर्शन के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी। बाबा की सभी आरती और रुद्राभिषेक की बुकिंग 27 जनवरी तक फुल हो चुकी है। सुगम दर्शन के टिकट के स्लाॅट भी चार जनवरी तक ऑनलाइन बुक हो गए हैं।
विश्वनाथ धाम बनने के बाद यह पहला मौका होगा, जब चारों प्रहर की आरती, सुगम दर्शन और रुद्राभिषेक की बुकिंग महीने भर के लिए फुल हुई है। 31 दिसंबर से दो जनवरी तक सभी टिकटों की बुकिंग पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। बाबा विश्वनाथ की मंगला आरती, मध्याह्न भोग आरती, सप्तर्षि आरती और शृंगार भोग आरती के ऑनलाइन टिकट भी नहीं मिल रहे हैं। अभिषेक और सुगम दर्शन के टिकटों की बुकिंग भी बंद हो गई है।
दिसंबर से ही बढ़े श्रद्धालु
श्री काशी विश्वनाथ धाम में दिसंबर के अंतिम सप्ताह में श्रद्धालुओं की भीड़ का दबाव अचानक बढ़ा है। 21 दिसंबर को धाम में 1.80 लाख, 22 दिसंबर को दो लाख से अधिक, 23 दिसंबर को डेढ़ लाख, 24 दिसंबर को 1.75 लाख और 25 दिसंबर को 1.90 लाख, 26 को ढाई लाख से अधिक और 27 को 2.70 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। वर्ष के अंतिम दिन और नए साल पर श्रद्धालुओं की संख्या छह से सात लाख होने का अनुमान है।
बोले अधिकारी
नए वर्ष पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए 31 दिसंबर से दो जनवरी तक कोई भी टिकट बुक नहीं होंगे। 27 जनवरी तक मंदिर की वेबसाइट पर चारों प्रहर की आरती के टिकट बुक हो चुके हैं।
- विश्वभूषण मिश्र, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, काशी विश्वनाथ धाम