वाराणसी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुखिया मोहन भागवत गुरुवार को काशी में थे। यहां उन्होंने महमूरगंज स्थित संघ कार्यालय में पार्टी के प्रमुख प्रचारकों से मुलाकात की और काशी में चल रही संघ की शाखाओं और प्रकल्पों के बारे में जानकारी ली। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में संघ के सरसंघचालक का यह पहला दौरा है। इसके कई राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि आने वाले दिनों में काशी में ‘घर वापसी’ का मुद्दा गरमा सकता है। हालांकि ‘लव जेहाद’ के फेल होने के बाद से संघ ‘घर वापसी’ के मुद्दे पर बेहद सावधानी बरत रहा है। इस मुद्दे पर काशी के प्रबुद्ध लोगों की रायशुमारी जानने की भी संघ के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
संघ दफ्तर में भागवत ने क्षेत्र प्रचारक शिवनारायण और प्रांत प्रचारक अभय कुमार से बंद कमरे में कई मसलों पर चर्चा की। संघ से जुड़े सूत्रों की मानें तो संघ यह जानना चाह रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में भाजपा के प्रति आम लोगों का नजरिया क्या है?
मोदी के नौ महीने के कामकाज से उनके वोटर कितने संतुष्ट हैं? सूत्र बताते हैं कि भूमि अधिग्रहण कानून के मौजूदा मसौदे को लेकर देश भर में हो रहे किसान आंदोलन से संघ चिंतित है। संघ का मानना है कि इससे मोदी सरकार की छवि पर असर पड़ रहा है। विपक्षी दल किसानों को बरगलाने और भड़काने में कामयाब हो गए हैं।
वहीं दस लाख का सूट पहनने को लेकर मोदी के विपक्ष के निशाने पर आने से भी संघ की चिंताएं बढ़ी हैं। सरसंघचालक ने भाजपा के सदस्यता अभियान की भी जानकारी ली और कहा कि जिन इलाकों में भाजपा का सदस्यता अभियान कमजोर रहा है, वहां संघ के स्वयंसेवक सदस्य बनाने का काम करें। कार्यालय पहुंचने पर विभाग प्रचारक सुनील कुमार, जिला प्रचारक कृष्णचंद और महानगर व्यवस्था प्रमुख संजय सहित संघ के कई पदाधिकारी ने सरसंघचालक भागवत की अगवानी की।