आज से लगभग 1400 साल पहले यजीद ने इमाम हुसैन को उनके 72 साथियों के साथ कर्बला के मैदान में शहीद कर दिया था। इन 72 शहीदों में पैगंबर मुहम्मद साहब के खानदान के 18 असहाब थे, ये ताबूत उन्हीं 18 बनी हाशिम की याद में उठाए जाते हैं। इस दौरान हाजी सैयद फरमान हैदर, बाकर बेनियावी, अंसार बनारसी, जियाउल हसन, तकी अली रिजवी, शहंशाह आबिदी, जन हसन, अतहर रजा, मजाहिर अली, शराफत नकवी, लियाकत अली, इरफान हैदर, बुलंद अख्तर, काबे अली, अनीस हसन, शेख जैन, जावेद शामिल हुए।