बटुक भैरव मंदिर में हरियाली व जल बिहार श्रृंगार
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गुलमर्ग की वादियों में स्वर्णमयी आसन पर विराजमान होकर बटुक भैरव ने भक्तों को दर्शन दिए। महादेव के बाल स्वरूप के भव्य रूप का दर्शन कर भक्त भी निहाल हो उठे। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं ने कश्मीर की बर्फीली वादियों का अहसास किया और बटुक भैरव के चरणों में हाजिरी लगाई। सुबह से देर रात तक बटुक भैरव के दरबार में भक्तों की कतार लगी रही।
वाराणसी के कमच्छा स्थित श्री बटुक भैरव मंदिर में सुबह पांच बजे बाबा का पंचामृत स्नान के बाद मंगला आरती हुई। इसी के साथ श्रद्धालुओं द्वारा श्री बाबा बटुक भैरव के दर्शन-पूजन एवं प्रसाद वितरण शुरू हो गया। बाबा के अलौकिक बालस्वरूप के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ मंदिर में उमड़ पड़ी।
रात नौ बजे बाबा की महाआरती हुई। महंत राकेश पुरी ने बाबा की महाआरती 1008 बत्ती वाले दीपक एवं सवा किलो कपूर से हुई। मंदिर को विशेष रूप से कश्मीरी फूलों से बगीचे के स्वरूप में सजाया गया था।