दिल्ली की तर्ज पर वाराणसी की सड़कों पर अक्तूबर से सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) बसें फर्राटा भरती नजर आएंगी। इसके लिए शहर में पांच स्थानों पर सीएनजी फिलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। साथ ही, 37 किलोमीटर गैस पाइप लाइन बिछाई जाएगी।
जेएनयूआरएम की सभी सिटी बसें सीएनजी से ही चलेंगी। इन बसों को सीएनजी में बदलने का निर्देश शासन ने जारी कर दिया है।
मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने गेल इंडिया लिमिटेड को निर्देशित किया है कि गैस पाइप लाइन बिछाने और फिलिंग स्टेशन बनाने का काम अक्तूबर तक पूरा करा लिया जाए।
मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण को इसकी मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी दी है। वह गेल के अधिकारियों से सहयोग और समन्वय स्थापित करेंगे। इस मसले पर लखनऊ में मुख्य सचिव एवं केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद योजना से जुड़ी जानकारियां कमिश्नर ने यहां साझा कीं।
उन्होंने बताया कि गेल की ओर से 570 करोड़ की लागत से फूलपुर से हल्दिया तक पाइप लाइन बिछाई जा रही है। वाराणसी मंडल में पाइप लाइन कार्य की प्रगति की समीक्षा हुई है। अक्तूबर-नवंबर तक सभी सिटी बसों में सीएनजी सिस्टम लगाने का निर्देश है।
इसका खर्च स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत वहन किया जाएगा। करखियांव स्थित यूपीएसआईडीसी और चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों में सीएनजी की डिमांड का आंकलन कराया जाएगा। मांग के अनुरूप इन क्षेत्रों में भी गैस पाइप लाइन बिछाई जाएगी।