सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भदोही दौरा बृहस्पतिवार शाम को तय हो गया। सीएम कार्यालय की ओर से मुख्यमंत्री के मिनट टू मिनट कार्यक्रम का प्रोटोकाल जिला प्रशासन को भेज दिया। तीन जून को सुबह 9.50 बजे सीएम का उड़नखटोला अभयनपुर प्राथमिक विद्यालय परिसर में उतरेगा। उसके बाद कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
तीन जून को प्राथमिक विद्यालय अभयनपुर में बने हैलीपेड पर सीएम योगी आदित्यनाथ नौ बजकर 50 मिनट पर उतरेंगे। सुबह 10 बजे एक्सपो मार्ट, 10 से 11 बजे पार्टी कार्यकर्ताओं के कोर समन्वय की बैठक, 11 से 12 बजे तक काशी क्षेत्र के सांसद, विधायक और जिलाध्यक्षों की बैठक लेंगे।
दोपहर 12 से एक बजे तक कई कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण, लाभार्थियों को प्रमाणपत्र का वितरण, दोपहर दो बजे मुख्यमंत्री एक्सपो मार्ट से प्रस्थान करने के बाद किसी गेहूं क्रय केंद्र का निरीक्षण और विकास कार्यों का जायजा लेंगे।
दोपहर तीन बजे कलेक्ट्रेट सभागार सरपतहां में सीएम विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। शाम चार बजे 45 मिनट पर मुख्यमंत्री कलेक्ट्रेट सभागार से पुलिस लाइन में बने हैलीपैड आएंगे, और यहां से लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे।
मुख्यमंत्री तीन जून को करीब सात घंटे तक जिले में रहेंगे। एसडीएम ज्ञानपुर आशीष कुमार ने कहा कि सीएम के आने का प्रोटोकाल प्राप्त हो गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तीन जून को प्रस्तावित भदोही आगमन से नगरवासियों की अहमदगंज के ठप पड़े रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण की आस जग गई है। सपा के शासनकाल में शुरू हुए इस आरओबी निर्माण में आधा से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। गत वर्ष प्रचंड बहुमत से प्रदेश की सत्ता में आने के बाद से आरओबी का निर्माण ठप है।
एक ओर जहां सपा के लोग इसके लिए विधायक रवींद्र नाथ त्रिपाठी को दोषी ठहरा रहे हैं तो दूसरी ओर विधायक बार बार यह कहते रहे हैं कि ओवरब्रिज बनेगा। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि आखिर रुकावट क्या आ रही है?
वर्ष 2014 में सपा सरकार में अहमदगंज गजिया रेलवे क्रासिंग पर जाम की समस्या से निपटने के लिए ओवर ब्रिज निर्माण का खाका खींचा गया था। प्रारंभ में वहां के बाशिंदों द्वारा भारी विरोध किया गया लेकिन आवश्यकता को देखते हुए सरकार ने काम को आगे बढ़ाया।
निर्माण शुरू हुआ और वर्ष 2017 मार्च से पूर्व ही अधिकांश निर्माण पूरा हो गया। इस बीच भारी बहुमत से सत्ता में आई भाजपा सरकार में निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया। पहले तो लोगों को लगा कि सत्ता परिवर्तन के चलते थोड़ा समय लग रहा है लेकिन छह महीने बाद तक निर्माण पुन: शुरू नहीं हुआ तो सवाल उठने लगे।
पूर्व विधायक जाहिद बेग बताते हैं कि विधायक रवींद्र नाथ त्रिपाठी ने ओवरब्रिज को चौरी रोड की ओर मोड़ने का प्रस्ताव शासन में दिया था जो अस्वीकार हो चुका है। वैसे भी सपा को इसका नया स्वरूप मंजूर नहीं था। उन्होंने कहा कि जिसमें भी जनता की भलाई हो वह काम होना चाहिए चाहे जो कराए। उधर विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी ने भी जोर देकर कहा है कि ओवर ब्रिज बनेगा। इस बीच मुख्यमंत्री का कार्यक्रम लगने के बाद से लोगों को लगने लगा है कि इस ओवर ब्रिज के दिन भी अब आ गए हैं।