अगले चरण में इसे हर जिले में शुरू किया जाएगा। वाराणसी में बीएचयू, विद्यापीठ और संस्कृत विश्वविद्यालय के अलावा अन्य शैक्षणिक संस्थानों के साथ चर्चा कर तीन केंद्र शुरू करने की तैयारी है। इसमें तीनों विश्वविद्यालयों के रजिस्टार की एक संयुक्त कमेटी बनाई गई है जो ऐसे अभ्यर्थियों को सर्च करेंगे। इस योजना में ऑफलाइन के अलावा ऑनलाइन क्लास भी चलाई जाएगी। मुख्यमंत्री वसंत पंचमी के दिन 16 फरवरी को योजना का शुभारंभ करेंगे। 10 फरवरी से पंजीकरण शुरू हो गया।
अधिकारियों और विशेषज्ञ के वीडियो भी मिलेंगे
कमिश्नर ने बताया कि सूचना विभाग ई-लर्निंग कंटेंट प्लेटफार्म एक पोर्टल के रूप में बनाएगा। इस प्लेटफार्म पर विभिन्न अधिकारियों द्वारा परीक्षा की तैयारी संबंधी अपने अनुभव साझा करते हुए वीडियो अपलोड किए जाएंगे। प्रशिक्षु आईएएस, आईपीएस, भारतीय वन सेवा, पीसीएस व अन्य राज्य स्तरीय सेवाओं के अधिकारियों द्वारा आवश्यक रूप से इन अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन किया जाएगा और कक्षाएं ली जाएंगी। इसे उनके द्वारा एकेडमी में होने वाले प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। एक व्याख्यान की अवधि 90 मिनट होगी। कक्षाएं सुबह और शाम दो समय पर चलेंगी।