कार्यक्रम में ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) के अंतर्गत वाराणसी की पारंपरिक पहचान को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसके तहत लस्सी, तिरंगा बर्फी, लौंगलता और बनारसी पान के स्टॉल लगाए जाएंगे। साथ ही लकड़ी के खिलौने और गुलाबी मीनाकारी जैसे स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
शिविर में बाल विकास एवं महिला कल्याण, कृषि, उद्यान, पर्यटन, नेडा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री आवास योजना, हथकरघा एवं श्रम, समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, सेवायोजन, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, पंचायती राज, मत्स्य तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग सहित कई विभाग अपने-अपने स्टॉल लगाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग, नेत्र परीक्षण, सामान्य ओपीडी, आयुष्मान कार्ड निर्माण सहित विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए चिकित्सकों की विशेष टीम भी मौजूद रहेगी, जो प्रमाणपत्र जारी करने के साथ उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहायता करेगी। प्रशासन के अनुसार कार्यक्रम को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और बड़ी संख्या में लाभार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।