जनपद में 683 सामुदायिक शौचालय बन चुके हैं। 619 शौचालयों में महिला समूहों को केयरटेकर रखा गया। उन्हें दो करोड़ 38 लाख रुपये केयरटेकर को भुगतान भी किया जा चुका है। गत गेहूं खरीद का समस्त 33.62 करोड़ रुपये किसानों को भुगतान हो चुका है। देव दीपावली तक 500 नावें सीएनजी में कंवर्ट होकर चलेंगी।
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने निर्माणाधीन परियोजनाओं और जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने विकास कार्यों के प्रगति का पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ नीलकंठ तिवारी, रविंद्र जायसवाल, महापौर मृदुला जायसवाल, एमएलसी लक्ष्मण आचार्य, विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह, जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा सहित अधिकारी उपस्थित रहे।
इस साल पूरी होने वाली 110 परियोजनाएं
बैठक में बताया गया कि 8546.86 करोड़ रुपये की 110 बड़ी प्रमुख परियोजनाएं वाराणसी में निर्माणाधीन हैं। इनमें जौनपुर-वाराणसी, आजमगढ़ वाराणसी, वाराणसी गाजीपुर, फोरलेन निर्माण, वाराणसी रिंग रोड फेज 2, बीएचयू व कैंसर हॉस्पिटल में डॉक्टर नर्सेज हॉस्टल, धर्मशाला निर्माण, कोनिया सलारपुर पर पुल, कालिकाधाम वरुणा नदी पर पुल, कज्जाकपुरा आरओबी, लहरतारा फुलवरिया पर आरओबी, पुल व सड़क निर्माण, कैंट से पड़ाव रोड, महगांव में आईटीआई, गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तक पर्यटन विकास, नदेसर, सोनभद्र तालाब का विकास व सुंदरीकरण कार्य होगा।
टाउनहॉल, बेनियाबाग, सर्किट हाउस के समीप वाहन पार्किग का निर्माण, खिड़किया घाट पुनर्विकास, दशाश्वमेध घाट पुनर्विकास, ओल्ड काशी के वार्डो की रीडिवेलपमेंट कार्य, करखियाव में पैक हाउस निर्माण, अलईपुर, नगवा में विद्युत उप केंद्रों का निर्माण आदि कार्य हैं। वाराणसी के विकास पर्यटन सुविधा के लिए सारनाथ का विकास, कैंट-गोदौलिया रोपवे, कमिश्नरी कंपाउंड में एकत्रित मंडलीय कार्यालय निर्माण की भावी परियोजनाएं तैयार की गई हैं। मोहनसराय से कैंट तक व वाराणसी से गोपीगंज तक सड़क चौड़ीकरण कार्य को मंत्रिपरिषद से अनुमोदन हो गया है।