सीएम योगी आदित्यनाथ की जनसभा को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काफी सक्रिय नजर आया। सभा स्थल, हेलीपैड और मेडिकल कालेज के निर्माण स्थल को तीन सेक्टर में बांटकर व्यवस्था को मुकम्मल बनाए रखा। वहीं जनसभा को में आने वाली भीड़ को केवल एक गेट से इंट्री दिया गया। जिससे पुलिस कर्मियों को ज्यादा मशकक्त नहीं करनी पड़ी। लोकार्पण और शिलान्यास का देखरेख कमिश्नर दीपक अग्रवाल तथा सुरक्षा व्यवस्था की कमान एडीजी ब्रजभूषण, आईजी एसके भगत पर्यवेक्षण थी। क्योकि एसपी अमित कुमार के अनुभव को देखते हुए उच्चाधिकारी कोई रिस्क नहीं लेना चाहते थे। जबकि एएसपी दयाराम, सीओ अनिल राय सहित तीन जनपदों के पुलिस कर्मियों को विभिन्न प्वाइंटों की कमान दिया गया था।
जनसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ करीब साढ़े तीन बजे के बाद पहुंचे। लेकिन विभिन्न वाहनों से लोग दोपहर 12 बजे तक सभा स्थल पर पहुंच गए थे। भीषण गर्मी के चलते लोग प्यास के चलते व्याकुल नजर आए। हांलाकि सभा स्थल के समीप पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं होने पर लोगों ने आयोजकों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। वहीं सीएम की जनसभा समाप्त होने के बाद लोग पेयजल के लिए इधर उधर भटकते नजर आए।
सीएम के मंच पर जगह पाने की लगी रही होड़
सीएम की जनसभा में मंच पर वरिष्ठ पदाधिकारियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। परन्तु इसके बाद भी दो युवा नेता मंच पर जगह पाने में कामयाब हो गए। यह देख कुछ पदाधिकारी भी सीएम के आगमन के पूर्व मंच पर जाने की होड़ में जुट गए और इधर उधर मडराने लगे। लेकिन मंच पर मौजूद केंद्रीय मंत्री डा. महेंद्रनाथ पांडेय के सामने जाने की साहस नहीं जुटा सके और वापस वीआईपी दिर्घा में लौट गए।