पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पैतृक आवास संग्रहालय का लोकार्पण राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस अवसर पर शास्त्रीजी और उनकी पत्नी ललिता शास्त्री की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। अब रामनगर का किला देखने आने वाले लोग धरती के लाल कहे जाने वाले शास्त्री जी का स्मृति भवन संग्रहालय भी देखने आएंगे।
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रामनगर में गुरुवार को इस मौके पर सीएम ने कहा कि जय जवान-जय किसान का नारा देश के लिए शास्त्रीजी का एक बड़ा संदेश है। उनकी स्मृतियों से समाज प्रेरणा प्राप्त करता रहे इस दृष्टि से यहां पर यह स्मारक प्रेरणादाई केंद्र के रूप में सदैव मार्ग दर्शन देता रहेगा।
दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम इस देश के बहादुर जवानों के शौर्य पराक्रम से 1965 के युद्ध में विजय प्राप्त हुई थी। लेकिन असमय चले गए। 2 अक्तूबर को शास्त्री जी की 114 वी जयंती है। इसलिए परिवार के सदस्यों से अनुरोध किया था कि जयंती से पहले स्मृति भवन संग्रहालय के लोकार्पण का कार्यक्रम हो जाए, क्योंकि उस दिन उत्तर प्रदेश शास्त्री भवन में शास्त्री जी की भव्य प्रतिमा पर कार्यक्रम होगा।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष व शास्त्रीजी के पुत्र सुनील शास्त्री ने की। विशिष्ट अतिथि संस्कृति मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी रहे।
पूर्वजों के प्रति श्रद्धा
सीएम ने कहा कि यह पितृ पक्ष चल रहा है। इससे बड़ी बात दूसरी नहीं हो सकती है कि हम अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा रखें। प्रदेश सरकार की तरफ से हम इस पूरे अभियान को आगे बढ़ाएंगे।
कहा, अयोध्या विवाद जल्द सुलझाएगा सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद में नमाज इस्लाम का अभिन्न हिस्सा है या नहीं इस पर बड़ा फैसला सुनाया। इस फैसले का सीएम ने स्वागत किया। कहा कि मामले का जल्द समाधान आवश्यक है। कथित विवाद को सुप्रीम कोर्ट जल्द सुलझाएगा।
जय जवान, जय किसान का नारा देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पैतृक आवास पर तैयार स्मृति भवन उनके जीवन का परिचय देगा। संग्रहालय के पहले कमरे में तैयार वॉर रूम में चीन और पाकिस्तान के युद्ध की दुर्लभ तस्वीरें लगाई गई हैं। शास्त्री जी के रसोईघर और बैठक को भी उसी समय का लुक दिया गया है। गुरुवार को राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी इसका लोकार्पण करेंगे।
वर्ष 2005 में पूर्व प्रधानमंत्री के जन्म शताब्दी वर्ष में इस स्मारक को बनाने की घोषणा की गई थी। इसे बनाने में पूरे 13 साल लग गए। मूल भवन के अंदर वाले कमरे में देवी-देवताओं के चित्र, धार्मिक पुस्तक और एक रिकार्डिंग लगाई गई है, जिसमें भक्ति गीत और भजन बजते रहेंगे। एक कमरे मे शास्त्रीजी के जीवन पर आधारित फिल्म भी दिखाई जाएगी। बाहरी कमरे में एक कार्यालय होगा। एक कमरे में लाइब्रेरी होगी, ताकि शोधकर्ताओं को लाभ मिल सके।
जय जवान जय किसान का नारा देकर देश को संदेश दे गए शास्त्री जी
पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पैतृक आवास संग्रहालय का लोकार्पण राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस अवसर पर शास्त्रीजी और उनकी पत्नी ललिता शास्त्री की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। अब रामनगर का किला देखने आने वाले लोग धरती के लाल कहे जाने वाले शास्त्री जी का स्मृति भवन संग्रहालय भी देखने आएंगे।
रामनगर में गुरुवार को इस मौके पर सीएम ने कहा कि जय जवान-जय किसान का नारा देश के लिए शास्त्रीजी का एक बड़ा संदेश है। उनकी स्मृतियों से समाज प्रेरणा प्राप्त करता रहे इस दृष्टि से यहां पर यह स्मारक प्रेरणादाई केंद्र के रूप में सदैव मार्ग दर्शन देता रहेगा। दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम इस देश के बहादुर जवानों के शौर्य पराक्रम से 1965 के युद्ध में विजय प्राप्त हुई थी।
लेकिन असमय चले गए। 2 अक्तूबर को शास्त्री जी की 114 वी जयंती है। इसलिए परिवार के सदस्यों से अनुरोध किया था कि जयंती से पहले स्मृति भवन संग्रहालय के लोकार्पण का कार्यक्रम हो जाए, क्योंकि उस दिन उत्तर प्रदेश शास्त्री भवन में शास्त्री जी की भव्य प्रतिमा पर कार्यक्रम होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष व शास्त्रीजी के पुत्र सुनील शास्त्री ने की। विशिष्ट अतिथि संस्कृति मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी रहे।
मुख्य द्वार के सामने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा लगाई गई है। अंदर उनकी पत्नी ललिता शास्त्री की प्रतिमा होगी। अंदर ही जय जवान, जय किसान प्रतीक का भी स्मारक है। बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री के पुत्र सुनील शास्त्री भी दिन भर यहीं डटे रहे और तैयारियों की मॉनिटरिंग करते रहे।
पड़ाव से लेकर रामनगर तक की सड़कों के गड्ढे भरे गए और पैचवर्क किया गया। पुलिस के अधिकारियों ने भी सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों को अंतिम रूप दिया। संस्कृति विभाग के अधिकारियों ने भी रामनगर में ही डेरा डाल दिया है।
राज्यपाल-सीएम ने शास्त्री का जीवन दर्शन देखा
शास्त्री संग्रहालय व स्मृति भवन में समाहित जय जवान-जय किसान की झलक और कहीं खटिया तो कहीं मचिया, लालटेन तो बेना आदि को देख राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री अभिभूत हुए। भवन में लगाई गयी क्रमवार तस्वीरों के जरिए माटी के लाल की जीवन गाथा, उनके व्यक्तित्व व जीवन दर्शन के बारे में भी जाना-समझा। शास्त्री जी व उनकी पत्नी ललिता शास्त्री द्वारा दैनिक इस्तेमाल करने वाले सामानों के बाबत जानकारी ली।