चंदौली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि एकात्म मानववाद के प्रणेता और भारतीय राजनीति में अंत्योदय की अवधारणा प्रस्तुत करने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय की यह पुण्य स्थली है। 1968 में इसी स्थान पर उनका महाप्रयाण हुआ था। इसको प्रेरणा स्थली के रूप में विकसित करने से उनके एकात्म मानववाद का संदेश दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री ने पड़ाव स्थित गन्ना विकास शोध संस्थान परिसर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा सहित अन्य कार्यों का सोमवार को निरीक्षण किया। निर्माण स्थल का जायजा लेने के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों दीनदयाल की प्रतिमा का लोकार्पण होगा।
कहा कि रेलवे स्टेशन और इस स्थल का नाम पंडित जी से जुड़ जाने से देश और दुनिया में इसका महत्व और बढ़ेगा। उन्होंने प्रथम चरण में होने वाले कार्य वीडीए की ओर से समय सीमा के अंदर पूरा कराए जाने पर संतोष जताया। इससे पहले मुख्यमंत्री निर्धारित समय से करीब पौने तीन घंटे की देरी से लगभग 4.26 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।
उन्होंने वहां दीनदयाल की 63 फ़ीट ऊंची प्रतिमा देखी। इसके अलावा कुंड, फव्वारा, पार्क का भी निरीक्षण किया। इससे पहले मुख्यमंत्री सुजाबाद में बने हेलीपैड पर पहुंचे। वहां से सड़क मार्ग से स्मारक स्थल पर पहुंचे। बता दें कि दीनदयाल स्मारक/संग्रहालय 3.67 एकड़ में करीब 39.67 करोड़ की लागत से निर्माण कराया जा रहा है।
सीएम के निरीक्षण के दौरान कमिश्नर दीपक अग्रवाल, एडीजी बृजभूषण,आईजी विजय सिंह मीना, डीएम चंदौली नवनीत सिंह चहल, एसपी हेमंत कुटियाल, वीडीए वीसी राहुल पांडेय, सीडीओ डॉ. एके श्रीवास्तव, एसडीएम कुमार हर्ष, सूचना अधिकारी डॉ. एस पाल, मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री रमाशंकर पटेल, विधायक सुशील सिंह, साधना सिंह, अनिल सिंह, राणा प्रताप सिंह मौजूद रहे।