मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष दालमंडी में हुए अवैध निर्माण और इसे लेकर अफसरों के बीच हो रही लॉबिंग का मुद्दा उठा। सीएम ने सर्किट हाउस में कुछ देर के लिए अफसरों के साथ बैठक की।
उन्होंने कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण, आईजी रेंज दीपक रतन, डीएम योगेश्वर राम मिश्र, एसएसपी आरके भारद्वाज, वीडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार और नगर आयुक्त नितिन बंसल को अपने कक्ष में बुलवाया और करीब दस मिनट तक उनसे विकास कार्यों को लेकर बातचीत की।
सूत्रों की मानें तो उन्होंने दालमंडी की घटना को लेकर बाबत एसएसपी आरके भारद्वाज से पूछताछ की। एसएसपी से उन्होंने नाराजगी भी जताई। चर्चा है कि आईएएस लॉबी ने सीएम को दालमंडी के बाबत जो रिपोर्ट दी है कि उसमें एसएसपी की रिपोर्ट में सही नहीं माना गया है।
एसएसपी ने निर्माण स्थल से काशी विश्वनाथ मंदिर की दूरी को सौ मीटर बताया था लेकिन प्रशासनिक अधिकारी इस दूरी को एक किलोमीटर बता रहे हैं। सूत्रों की मानें तो जल्द ही इस मामले में कुछ अफसरों पर गाज गिर सकती है।
हालांकि अफसरों का कहना है कि मुख्यमंत्री के समक्ष दालमंडी प्रकरण पर कोई चर्चा नहीं हुई है। सीएम ने आईपीडीएस और गैस पाइप लाइन बिछाने के काम को तय समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।
यह भी कहा कि फरवरी में शहर में कहीं भी खुदाई नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री के समक्ष दालमंडी में अवैध निर्माण का मुद्दा भी उठा। अफसरों को नियमों के तहत कार्रवाई करने को कहा।