महाकवि सुब्रह्मण्यम की प्रतिमा का ऑनलाइन अनावरण
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महाकवि सुब्रह्मण्यम भारती की जयंती को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के संकायों में भारतीय भाषा उत्सव के रूप में मनाया गया। रविवार को शिक्षा शास्त्र विभाग, राष्ट्रीय सेवा योजना एवं छात्र कल्याण संकाय, राजनीति विज्ञान विभाग, आधुनिक भारतीय भाषा विभाग एवं मदन मोहन मालवीय हिंदी पत्रकारिता संस्थान में भारतीय भाषा उत्सव पर आयोजन हुए।
केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान सारनाथ में भारतीय भाषा दिवस पर संगोष्ठी एवं काव्य पाठ का आयोजन किया गया। प्रो. धर्मदत्त चतुर्वेदी ने कहा कि भारत की समस्त भाषाओं की जननी संस्कृत है और हम सभी लोगों को कम से कम दो भाषाओं का ज्ञान आवश्यक है। तभी एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना पूरी हो सकती है।
महाकवि सुब्रमण्यम भारती के भांजे केवी कृष्णन और परिजनों संग विदेश मंत्री
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केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को महाकवि सुब्रमण्यम भारती के भांजे केवी कृष्णन और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा, महाकवि का जीवन, विचार और लेखन आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। हनुमान घाट पहुंचे विदेश मंत्री ने कहा कि यह घर एक ज्ञान केंद्र और पावन तीर्थ है। सामाजिक न्याय और महिला सशक्तीकरण पर सुब्रह्मण्यम भारती की रचनाएं आज भी प्रासंगिक हैं।
काशी में ही महाकवि भारती का परिचय अध्यात्म और राष्ट्रवाद से हुआ। विदेश मंत्री ने उनके भांजे केवी कृष्णनन को अंगवस्त्रम देकर सम्मानित कर उनका कुशलक्षेम जाना। महाकवि के परिजनों में जयंती, हेमा, रवि और संतोष से मिलकर ख़ुशी जताई और उनका हाल जाना। कुछ देर तक आंगन में महाकवि के स्मृति चिह्न को भी देखा। इस दौरान मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा भी मौजूद रहे।