सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री रहे पंडित कमलापति त्रिपाठी से लेकर मुलायम सिंह यादव और मायावती तक नक्सल प्रभावित क्षेत्र में दौरा कर चुके हैं। तब से अब तक यहां विकास के तमाम काम हुए मगर रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने वनवासी- आदिवासी बच्चों के साथ भोजन कर जंगल के वाशिंदों का दिल जीत लिया।
उन्होंने वहां के लोगों को अपनेपन और उनके बीच का होने का अहसास कराते हुए कहा कि पहला वनवासी कल्याण आश्रम गोरखपुर में कहा कि यहां से निकले बच्चे एक भारत-श्रेष्ठ भारत का मिशन लेकर सेवा, संस्कार और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत होते हैं।
कभी नक्सलवाद का गढ़ माना जाने वाला नौगढ़ का यह क्षेत्र तकरीबन 1995 से 2004 तक नक्सल से काफी प्रभावित रहा। 20 नवंबर 2004 को हिनौतघाट कांड हुआ, जिसमें नक्सलियों ने बारूदी सुरंग बिछाकर पीएसी के जवानों को मौत के घाट उतार दिया था। तब से वहां शांति के प्रयास हुए, स्थितियां बदली, लोगों के जीवन में सुधार हुआ लेकिन सुविधाओं के लिए जूझ रहे लोगों के बीच जाकर सीएम ने आशा की नई किरण दिखाई है।
सीएम ने कहा कि 25 साल पहले उनके गुरु महंत अवैद्यनाथ ने सोनभद्र के घोरावल स्थित वनवासी आश्रम जाकर उनके उत्थान के लिए प्रयास किया। बलरामपुर में थारू जाति के वनवासियों- आदिवासियों के लिए कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उनकी इन सब बातों को सुनने के बाद वहां आई लोग उन्हें अपने रहनुमा के रूप में देख रहे हैं।
सीएम के सभा में आई झुमरिया गांव की लीलावती ने बताया कि गांव में आवास, शौचालय आवंटन में काफी अनदेखी हुई है। वनक्षेत्र में आने के बाद सीएम का यहां के लोगों से लगाव बढ़ गया है। मझगाई की मलहनी देवी ने बताया कि आज तक जमीनी स्तर पर योजनाओं का किसी जनप्रतिनिधि ने मूल्यांकन नहीं किया। लेकिन सीएम ने कार से घूमकर यहां के लोगों की परेशानी को समझा है।
झुमरिया की मलहनी देवी ने बताया कि सरकारी योजनाओं का संचालन करने में काफी अनियमितता हुई है। उम्मीद है कि अब यहां विकास का पहिया तेजी दौड़ेगा। शाहपुर की किसमत्ती देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने क्षेत्र का विकास करने का वायदा किया है। अब उनसे काफी उम्मीद जगी है।