फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पेंशन के कागजात के लिए डीआईजी के पिता को बाबुओं ने चार महीने दौड़ाया

Sat, 10 Feb 2018 02:19 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
कुबेरनाथ मिश्र - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
जिस महकमे में 35 साल तक सेवा की हो और जिनका बेटा जिले का एसएसपी रह चुका हो, पुलिस कार्यालय के बाबुओं ने उनकी पेंशन बढ़ोत्तरी के कागजात तैयार कराने में चार महीने लगा दिए। इस दौरान बड़े बाबू ने कागजातों में कमी बताकर उन्हें जब-तब दौड़ाया।
विज्ञापन


इस दौरान उन्होंने एसएसपी आरके भारद्वाज से मुलाकात की और अपने आईपीएस बेटे का परिचय भी दिया। बड़ी मशक्कत के बाद तीन दिन बाद ही उनकी फाइल पूरी कर इलाहाबाद स्थित पुलिस मुख्यालय भेजी गई है।

2003 में वाराणसी जिले से हेड कांस्टेबल पद से रिटायर कुबेरनाथ मिश्र ने अक्तूबर, 2017 में फाइल पुलिस कार्यालय में जमा की थी। गुरुवार को वह इसी सिलसिले में बाकी रह गई औपचारिकताएं पूरी करने एसएसपी कार्यालय आए थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

बेटा रहा चुका है बनारस का एसएसपी

demo pic
एसएसपी कार्यालय में कुबेरनाथ मिश्र ने अपनी पीड़ा बताई और कहा, उनकी पेंशन से जुड़े सभी पुराने कागजात एसएसपी कार्यालय में पहले से ही मौजूद हैं। उनमें ज्यादा कुछ नहीं करना था। फिर भी उन्हें बार-बार बुलाया गया।

दरअसल, पिछले साल जुलाई में शासनादेश जारी हुआ था, जिसमें 2016 के पूर्व रिटायर हुए पुलिसकर्मियों की पेंशन में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव था। इसके लिए कुछ कागजातों को पूरा करना था। मिश्र मूल रूप से बलिया के हैं। इस समय लालपुर में परिवार के साथ रहते हैं।

उनके बड़े पुत्र अजय कुमार मिश्र  डीआईजी हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती आईबी में है। अजय कुमार मिश्र 2013 में सात महीने तक वाराणसी के एसएसपी रहे। इस दौरान अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ने के साथ-साथ उन्होंने निजी बस अड्डे को अंधरापुल से चौकाघाट लकड़ी मंडी में शिफ्ट करवाया था। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें