यूपी के भदोही में वस्त्र मंत्रालय द्वारा स्थापित सीईपीसी के क्षेत्रीय कार्यालय के एक क्लर्क ने सूदखोरों से परेशान होकर अपने दफ्तर में ही आग लगाकर जान दे दी। घटना की जानकारी होते ही हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोतवाली क्षेत्र के हरियांव गांव निवासी संजय श्रीवास्तव (45) अपने परिवार के साथ शहर के रजपुरा के गोपाल कुंज में रहते थे। वह वस्त्र मंत्रालय द्वारा स्थापित कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के मर्यादपट्टी के कालीन भवन में स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में तैनात थे।
कार्यालय स्टाफ के मुताबिक सुबह 9.30 बजे वे कार्यालय पहुंचे। कुछ देर तक उनके साथ बैठने के बाद शौचालय जाने की बात कह कर वह वहां से चले गए। थोड़ी देर में कुछ की जलने महक आने के साथ शौचालय से धुआं उठता दिखा। लोग उधर दौड़े तो देखा शौचालय का दरवाजा अंदर से बंद था।
लोगों ने दरवाजा तोड़ा तो देखा संजय अंदर झुलसे पड़े थे। मौके पर पहुंचे कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार पांडेय ने शव को बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मामला आत्महत्या का है। शौचालय में बिस्लेरी की बोतल और माचिस पड़ी मिली है। बोतल में केरोसिन था। संजय का शव पूरी तरह झुलस चुका था।
एएसपी डा. संजय कुमार ने बताया कि जो स्थितियां थी उससे मामला आत्महत्या का ही प्रतीत हो रहा है। जांच की जा रही है जो सामने आएगा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में परिजनों की ओर से भी कोई तहरीर नहीं मिली है।