यूपी के मिर्जापुर में राजकीय स्वाथ्य बीमा निगम के लिपिक विजयानंद तिवारी को सीबीआई की टीम ने मंगलवार को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी ने सीबीआई की टीम को देखते ही रिश्वत का पैसा शौचालय में फेंक दिया। टीम ने शौचालय तुड़वाया लेकिन पैसों की बरामदगी नहीं हो पाई। हालांकि टीम ने विजयानंद का हाथ धुलवाया तो केमिकल युक्त पैसे लेने के कारण हाथ लाल हो गया।
बुधवार की सुबह सीबीआई की टीम उसे गिरफ्तार करके लखनऊ लेकर चली गई। टीम की मानें तो आरोपी के विरुद्घ लखनऊ में ही भ्रष्टाचार अधिनियम समेत अन्य आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है इसलिए उसे वहीं की कोर्ट में पेश किया जाएगा।
देहात कोतवाली क्षेत्र के छीतपुर गांव निवासी रामनर सिंह सरकारी कर्मचारी है। उसने बीमार चल रही अपनी पत्नी का इलाज सरकारी एवं निजी अस्पताल में कराया था। इलाज में करीब 86 हजार रुपये खर्च हुए थे। जिसके भुगतान के लिए उसने अस्पताल का सारा बिल अपने विभाग में लगाया था।
जिसकी फाइल टीबी अस्पताल परिसर में स्थित राजकीय स्वास्थ्य बीमा निगम में आई थी। इसकी जानकारी होने पर वह फाइल को पास कर उच्चाधिकारियों के यहां भेजने के लिए बार बार विभाग में चक्कर लगा रहा था लेकिन उसकी फाइल आगे नहीं बढ़ाई जा रही थी।