समेकित शिक्षा की जिला समन्वयक मंजू पासवान को बालिका शिक्षा का भी अतिरिक्त सौंपा गया है। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में फर्जी नियुक्तियों की जांच कर रही एसटीएफ लखनऊ की टीम ने बीएसए कार्यालय में संविदा पर तैनात लिपिक आनंद सिंह को सोमवार को गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि अनामिका शुक्ला और प्रीति यादव के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की प्रतियां बीएसए कार्यालय से आनंद सिंह ने ही जालसाजों से सांठगांठकर उन्हें दिया था। इन दस्तावेजों को कार्यालय से बाहर कर जालसाजों को सौंपने के एवज में दो दो लाख रुपये लिए गए थे। आनंद सिंह की गिरफ्तारी के दूसरे दिन मंगलवार को भी बीएसए कार्यालय में हलचल रही।
शोभा तिवारी पर हो सकता है केस
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में नियुक्ति में हुए फर्जीवाड़े में बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक शोभा तिवारी के खिलाफ भी केस दर्ज हो सकती है। जो शैक्षिक प्रमाणपत्र निकाल कर जालसाजों सौंपे गए हैं उनके रखरखाव की जिम्मेदारी बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक शोभा तिवारी की ही है।
दरअसल बीएसए कार्यालय में ईएमआईएस का काम देखने वाला लिपिक आनंद सिंह बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक शोभा तिवारी का पति है। इस नाते वह पत्नी के पटल के काम में भी पूरी दखल रखता था। यही नहीं वह कस्तूरबा गांधी विद्यालय में नियुक्ति के लिए आए आवेदन पत्र और उसके साथ संलग्न अभ्यर्थियों को शैक्षिक प्रमाण पत्रों की प्रति आदि भी वह अपने कस्टडी में रखता था।
कार्यालय में हमेशा खुद को औरों से अधिक जिम्मेदार और ईमानदार साबित करने की कोशिश करने वाला आनंद सिंह का दिमाग इतना शातिर होगा इसका अंदाजा किसी को नहीं थी। एसटीएफ के शिकंजे में आने के बाद उसके काले कारनामों का खुलासा हुआ तो हर कोई हतप्रभ रह गया।