उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण शुरू होने पर जब देश में पीपीई किट की कमी थी तो संयुक्त मजिस्ट्रेट विपिन जैन के मन में स्थानीय स्तर पर पीपीई किट बनवाने का ख्याल आया था। उन्होंने उद्योग केंद्र के माध्यम से खालसा बैग हाउस से संपर्क किया। इसके बाद खालसा बैग हाउस फर्म तैयार हो गया। फिर कपड़ा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन की जानकारी लेने के बाद किट बनाने का प्रयास शुरू हुआ।
सीएमओ, उपायुक्त उद्योग के साथ मिलकर सुरक्षा संबंधी चर्चा की गई। खालसा बैग हाउस के सुरेंद्र सिंह छाबड़ा ने रॉ मैटेरियल की व्यवस्था की। इसमें प्रयोग होने वाला एंटी बैक्टीरियल किट बंगलूरू से मंगाया गया है। छाबड़ा ने नोएडा आदि जगहों पर जाकर किट की कमियों का अध्ययन किया। इसके बाद पीपीई किट तैयार हुआ।