महापौर और नगर के पार्षदों ने प्रेस वार्ता कर नगर आयुक्त के खिलाफ जताया आक्रोश
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वाराणसी नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में नगर आयुक्त और पार्षदों में तनातनी के बाद महापौर मृदुला जायसवाल ने प्रेस वार्ता कर कार्यकारिणी की स्थगित हुई बैठक के बारे में जानकारी दी। इस दौरान कार्यकारिणी के सभी पार्षद मौजूद रहे। उन्होंने एक सुर में नगर आयुक्त पर कटाक्ष करते हुए बताया कि नगर की कार्ययोजना के लिए नगर निगम के पास काफी धनराशि मजूद होने के बाद भी किसी भी वार्ड में स्वीकृत किए गए कार्यों को नहीं कराया जा रहा। साथ ही नगर आयुक्त व अन्य अधिकारियों द्वारा पार्षदों से द्वयम दर्जे का व्यवहार किया जा रहा है। नगर आयुक्त किसी भी पार्षद से बात करने के बजाय कन्नी काटते हैं। सामने से पूछने पर कहते हैं कि मैं स्मार्ट सिटी का कार्य देख रहा हूं। आपकी बातें सुनने का समय नहीं है।
महापौर ने बताया कि शासन द्वारा भेजी गई 14वें वित्त वर्ष की करोड़ों रुपये की धनराशि का उपयोग जनता के लिए नहीं किया जा सका। कार्यसमिति की बैठक में प्रस्तावित नगर के विकास कार्यों के लिए टेंडर तक जारी नहीं किए जा सके। इसमें पूरी जिम्मेदारी नगर आयुक्त की है। जबकि मुख्यमंत्री की तरफ से भी गाजियाबाद और वाराणसी नगर निगम को शासन द्वारा स्वीकृत पैसों को खर्च करने का निर्देश दिया जा चुका है। कार्यकारिणी की बैठक में उठे मुद्दों पर स्थगन के बाद एक सप्ताह के भीतर कार्यसमिति के सदस्यों द्वारा नगर आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव लाया जाएगा। जिसे शासन को भेजा जाएगा।
प्रेसवार्ता में उपसभापति नरसिंह दास, सीताराम केशरी, भैयालाल यादव, बबलू साह, अनिल शर्मा, सुशील गुप्ता, अजय गुप्ता, प्रशांत सिंह आदि पार्षद मौजूद रहे।