इस दौरान बदमाशों ने दूसरे पक्ष पर ईंट-पत्थर से हमलाकर दिया। हालांकि किसी को गंभीर चोट नहीं लगी। निर्माण ना रुकने पर पुलिस बुलाई गई, लेकिन बदमाशों के आगे पुलिस की एक ना चली और वापस लौट गई। कुछ देर बाद बरदह थाने पर तैनात एक दरोगा और एक सिपाही पहुंचे।
इस दौरान बदमाशों ने पुलिसवालों के साथ बदसुलूकी की। पीड़ितों का आरोप है कि दरोगा की सूचना पर एसओ बरदह कई थानों की फोर्स लेकर गांव पहुंचे। इस दौरान बदमशों ने पुलिस पर भी पथराव किया। पुलिस ने बदमाश के घर में घुसकर तोड़फोड़ की। साथ ही दोनों तरफ के एक दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर थाने चली आई।
गुरुवार को एक पक्ष से उमेश बिंद सहित तीन लोग और दूसरे पक्ष से प्रवीण यादव सहित तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर चालान कर दिया गया। उधर घटना के बाद से ही लोग भयभीत हैं। गुरुवार को गांव के ज्यादातर पुरुष सदस्य घर छोड़कर फरार हैं।
गांव में सन्नाटा छाया हुआ है। एसपी सिटी कमलेश बहादुर ने बताया कि पुलिस पर झूठा आरोप लगाया जा रहा। केस दर्ज कराने के लिए लोगों ने आपस में ही मारपीट और तोड़फोड़ की है। दोनों तरफ के तीन-तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर चालान कर दिया गया।