इस बीच 22 जून को हुई मूसलाधर बारिश में रजिया का घर पूरी तरह से ढह गया, जिससे वह एक कमरे में कैद हो गई। कमरे के चारों ओर गिरे घर के मलबे से मुख्य दरवाजा बंद हो गया, जिससे रजिया कमरे में चारों ओर से घिर गई। इस दौरान किसी ग्रामीण का ध्यान उसकी ओर नहीं गया और वह छह दिनों तक कमरे में घिरी रही।
गुरुवार को रजिया के घर के पास गुजर रहे किसी ग्रामीण को शंका हुई तो उसने पुलिस को खबर दी। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। इस बीच रजिया ने कमरे के एक छोटे छिद्र से पुलिस को वस्तु स्थिति से अवगत कराया।
पुलिस ने मलबे में दबे घर के मुख्य दरवाजे के रास्ते को साफ कराने के बाद महिला को सुरक्षित घर से बाहर निकाला। बाहर निकलने के बाद कई दिनों से घर में कैद महिला ने राहत की सांस ली।