आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज होने के दो दिन बाद 16 सितंबर को दूसरे पक्ष के राजेश प्रसाद सिंह ने दीपक शर्मा समेत सात लोगों समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दर्ज प्राथमिकी में दीपक के छह साल के भतीजे को भी प्राथमिकी में शामिल कर लिया गया। 17 साल की लड़की जो घटना के समय नहीं थी, उसे भी पुलिस ने आरोपी बना दिया।
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने से पहले ये भी नहीं पूछा कि लड़के की उम्र क्या है, कहां रहता है। किशोरी की उम्र क्या है, सीसी कैमरे में क्या वह हमला करते दिखी? एक पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने जल्दबाजी और बिना किसी जांच के प्राथमिकी दर्ज की है।
मामले की जांच की गई। बच्चे के परिवार के लोग आए भी थे। दोनों पक्ष के बीच जमीन का विवाद है। प्राथमिकी में नाम नहीं है बल्कि संजय शर्मा के पुत्र का जिक्र है। जांच में पता चला कि वह बच्चा है। नाम हटाने के साथ विवेचना जारी है। -प्रज्ञा पाठक, एसीपी कैंट