Varanasi News: यह प्रार्थना पत्र भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-173 (4) के अंतर्गत दाखिल किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अभिषेक कुमार सिंह ने धोखे से तलाक लिया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वाराणसी मनीष कुमार ने वर्तमान एसपी सिटी बदायूं अभिषेक कुमार सिंह के विरुद्ध उनकी पूर्व पत्नी ऋषिका सिंह के मुकदमा दर्ज करने के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। यह प्रार्थना पत्र भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-173 (4) के अंतर्गत दाखिल किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अभिषेक कुमार सिंह ने धोखे से तलाक लिया।
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न्यायालय के सामने अभिलेखों से स्पष्ट हुआ कि दोनों पक्षों के बीच विवाद पूर्व में लखनऊ में दर्ज धारा 498A के मुकदमे से संबंधित था, जिसे उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ ने सुलह समझौता केंद्र भेजा था।
दोनों के बीच 46 लाख रुपये और फ्लैट के समझौते पर सहमति बनी। आपसी सहमति से परिवार न्यायालय लखनऊ में तलाक की प्रक्रिया पूरी हुई।
न्यायालय ने पाया कि ऋषिका सिंह ने सभी प्रक्रियाओं में स्वेच्छा से भाग लिया और समझौते की राशि भी ली। न्यायालय ने माना कि प्रार्थना पत्र दबाव बनाने के उद्देश्य से दिया गया है और इसे निरस्त कर दिया।