शहर में गुरुवार को लगातार चौथे दिन सैकड़ों अतिक्रमण ढहाए गए। दशाश्वमेध, भेलूपुर और वरुणापार जोन में अभियान चला। डीएम के निर्देशन में प्रशासन और नगर निगम की कार्रवाई का असर सड़कों पर नजर आने लगा है। गुरुवार को गिरजाघर चौराहे से चितरंजन पार्क तक की सड़क अरसा बाद खुली-खुली दिखी। इस अतिव्यस्त मार्ग पर अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग से पैदल गुजरना मुश्किल हो जाता था लेकिन अभियान के बाद यहां वाहन सरपट दौड़ते नजर आए। जबकि, अभी इस मार्ग की दूसरी लेन से अतिक्रमण हटाया जाना बाकी है।
इसे देख लोगों को पीएम मोदी के साथ जापानी पीएम शिंजो अबे के काशी आगमन की याद आ गई जब दोनों वीवीआईपी को दशाश्वमेध घाट तक ले जाने के लिए इस पूरी सड़क को खाली कराकर चमका दिया गया था। हालांकि तब दौरे के एक-दो दिन बाद ही हालात फिर पहले जैसे हो गए थे। लोगों का कहना है कि डीएम विजय किरन आनंद ने यह बड़ी पहल की है लेकिन स्थायी तौर पर शहर को इसका लाभ तभी मिल पाएगा जब अभियान के साथ-साथ यह निगरानी भी सुनिश्चित हो कि जहां से अतिक्रमण हटाया जाए वहां लोग दोबारा काबिज न होने पाएं। साथ ही, अभियान के दौरान जहां अतिक्रमण हटाने के लिए मोहलत दी जा रही है या फिर किन्हीं कारणों से तत्काल उन्हें नहीं तोड़ा जा पा रहा है, उनकी मानीटरिंग हो और तय समय में कार्रवाई सुनिश्चित हो।
लहुराबीर में अतिक्रमण हटाने की मांग ः लहुराबीर स्थित लहुराबीर बाबा मंदिर मार्ग पर से अतिक्रमण हटाने की मांग स्थानीय लोगों ने की है। सुधीर मोहन डे, निशा सोनी, मुन्ना गिरी, आनंद जायसवाल आदि ने इसके लिए मेयर और नगर आयुक्त को पत्र दिया है।
जोनल अधिकारी अरविंद यादव की अगुवाई में यहां सुबह 10:30 बजे अभियान की शुरुआत हुई। चितरंजन पार्क से गिरजाघर चौराहे तक एक लेन से अतिक्रमण हटाया गया। नाली पर बने अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। गोदौलिया चौराहे से होते हुए दस्ता गिरजाघर चौैराहे तक पहुंच गया। इस बीच कई निर्माणों पर कार्रवाई हुई। गुमटियां ढहा दी गईं। कुछ लोगों ने नाली को पाट दिया था, उसे खाली कराया गया। गिरजाघर से चितरंजन पार्क तक की सड़क की दूसरी लेन पर भी कार्रवाई होनी थी लेकिन प्रशासनिक टीम हिदायत देते हुए आगे बढ़ गई।
वरुणापार इलाके में सुबह दस बजे भोजूबीर दूधसट्टी से अभियान शुरू हुआ और गिलट बाजार तक चला। धौंस काम आया न रुतबा। पुलिस-पीएसी की मौजूदगी में अवैध कब्जे तोड़े गए। कई लोगों ने नालियों पर कब्जा कर लिया था तो कई दूकानों, शोरूम, भवनों के कब्जे वाले हिस्से भी तोड़े गए। प्रशासन का कड़ा रुख देख लोगों में भी अपना अतिक्रमण खुद ही तोड़ने की होड़ मची दिखी। अतिक्रमण ढहाने और मलबा हटाने का काम साथ-साथ चला। कुछ अस्पतालों ने नालियों पर अतिक्रमण कर वाहन स्टैंड बना दिया था, उसे हटाया गया। अतिक्रमण हटने से आवागमन में खासी राहत हुई।
जोनल प्रभारी अतुल यादव की अगुवाई में शाम सवा चार बजे अतिक्रमण विरोधी दस्ता सोनारपुरा पहुंचा। बुधवार को जहां अभियान खत्म हुआ था, उसके आगे से कार्रवाई शुरू हुई। सोनारपुरा तिराहे से अस्सी मार्ग पर अग्रवाल रेडियो तिराहे तक अभियान चला। सड़क की दोनों पटरियों पर अवैध निर्माण ध्वस्त कराए गए। सोनारपुरा के आगे नाली से कब्जा हटाने पर टीम से स्थानीय लोगों की नोकझोंक भी हुई। वहीं तमाम लोग खुद अपने अतिक्रमण तोड़ते नजर आए।