राइफल क्लब के शूटिंग रेंज में घोटाले की आशंका है। करीब सात साल पहले क्लब के खाते में तकरीबन 52 लाख रुपये थे। वर्तमान में 22 लाख रुपये ही हैं। बाकी रुपयों को कहां खर्च किया गया? इसकी जांच शुरू हो गई है। डीएम के निर्देश पर एडीएम सिटी ने आयुध लिपिक से सभी पत्रावलियां तलब कर ली गई हैं। बता दें कि यह वही शूटिंग रेंज है, जहां से एक बार पिस्टल चोरी हो गई थी। प्रशासन की ओर से मुकदमा लिखवाने के बाद पिस्टल मिल भी गई थी।
तत्कालीन डीएम रविंद्र ने राइफल क्लब के शूटिंग रेंज से पिस्टल चोरी के आरोप में कोआर्डिनेटर पंकज को हटा दिया था। बाद में पिस्टल मिल गई थी। इसके बाद डीएम का स्थानांतरण हो गया। आयुध लिपिक की मिलीभगत से पंकज दोबारा कोआर्डिनेटर बन गए। इन पर फर्जी रसीद काटने का आरोप है। करीब एक सप्ताह पहले क्लब में घोटाले की आशंका जताते हुए अशोक कुमार तिवारी ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी। अब जांच शुरू होने के बाद एडीएम ने कोआर्डिनेटर को हटाने और पुर्नस्थापित के आदेश की कापी मांगी है। इसके अलावा उन्हें रखने का आधार भी पूछा गया है। जो रसीदें काटी गई है उनकी फोटो कापी के अलावा बैंक खाते का पूरा ब्योरा मांगा गया है।