वाराणसी। चौक थाने में दर्ज पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर से जुड़े मामले की जांच को लेकर विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने चौक पुलिस को स्पष्ट जांच आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अदालत ने पुलिस को 11 अगस्त तक विस्तृत जांच रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश देते हुए मामले की अगली सुनवाई भी उसी दिन निर्धारित की है।
अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता ने पुलिस की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जांच अधिकारी द्वारा 25 जुलाई 2026 को अदालत में दाखिल रिपोर्ट में प्रार्थी द्वारा उठाए गए प्रमुख बिंदुओं का स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है। उन्होंने अदालत से पुलिस को विस्तृत और स्पष्ट जांच आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश देने की मांग की।
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि दिसंबर 2025 में उनके खिलाफ चौक थाने में दर्ज प्राथमिकी में छह माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने न तो जांच पूरी की है और न ही आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्राथमिकी दर्ज होने के कुछ ही दिनों बाद उनकी न्यायिक हिरासत मांगी गई थी, लेकिन आठ माह बीत जाने के बाद भी जांच लंबित है और उसका कोई विधिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
बड़ी पियरी निवासी हिन्दू युवा वाहिनी के नेता एवं वीडीए के मानद सदस्य अम्बरीष सिंह भोला की शिकायत पर 9 दिसंबर 2025 को चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि 30 नवंबर 2025 को अमिताभ ठाकुर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर उन पर आपराधिक मामलों और बहुचर्चित कफ सिरप प्रकरण में बिना साक्ष्य के गंभीर आरोप लगाए, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। इस मामले में पुलिस ने अमिताभ ठाकुर, उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर तथा एक अन्य के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।