एक के बाद एक हादसों के बाद छाया चाइनीज मंझे का खौफ गुरुवार को और गहराया। मकर संक्रांति की पतंगबाजी की होड़ के बीच लोग दिन भर बच-बचाकर ही घर से निकले।
फिर भी मड़ुवाडीह क्रॉसिंग के पास डीरेका में तैनात एक डॉक्टर की गर्दन रेत दी। घाव सांस नली तक हो गया। उन्हें 12 टांके लगे।
चिकित्सक डॉ. एके सिंह रेलवे के लहरतारा स्थित मंडलीय अस्पताल में तैनात हैं।
मंडुवाडीह स्थित श्रीरामनगरकॉलोनी स्थित आवास से वह बाइक से अस्पताल आ रहे थे तभी पानी टंकी (सनबीम लहरतारा और मंडुवाडीह क्रासिंग के बीच में) के समीप चाइनीज मंझा उनके गले पर आकर लगा और रेत दिया।
लहूलुहान चिकित्सक को आसपास के लोग तत्काल रेलवे के मंडलीय अस्पताल ले गए। वहां उन्हें 12 टांके लगाए गए हैं। बाद में डॉ. आरआर सिंह की देखरेख में डॉ. एके सिंह को उनके आवास पर ले जाया गया।
डॉक्टरों का कहना था कि मंझा पहले हेलमेट पर लगा और उसके बाद गर्दन पर। अगर उन्होंने हेलमेट न पहना होता तो श्वांस नली भी कट सकती थी।
डॉ. आरआर सिंह ने बताया कि बुधवार को ही डॉ. एके सिंह ने खुद दो ऐसे मरीजों का इलाज किया था, जिनके हाथ चाइनीज मंझे से कट गए थे। बताया कि वह खुद भी इसके शिकार हो चुके हैं।
एडीएम वाराणसी सिटी विंध्यवासिनी राय ने कहा कि चाइनीज मंझे की बिक्री पर धारा 144 के तहत रोक लगाई गई है। इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस की ओर से हर थाना क्षेत्रों में कार्रवाई की जाएगी।