फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगा में जलपरिवहन के लिए चीन ने दी अनापत्ति

Sun, 31 Jul 2016 01:54 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
जहाज
विज्ञापन
गंगा में 4200 करोड़ रुपये की बहुप्रतीक्षित जल परिवहन परियोजना पर चीन ने अपनी अनापत्ति दे दी है। वर्ल्ड बैंक की ओर से इसके लिए चीन के वित्त मंत्रालय को पत्र भेजा गया था। चीन के इंटरनेशनल फाइनेंसियल इंस्टीट्यूशन डिवीजन 1 के निदेशक यंग युआनजिए ने वर्ल्ड बैंक के कंट्री डायरेक्टर को संबोधित पत्र लिखकर योजना पर किसी प्रकार की आपत्ति न होने की बात कही है। जल परिवहन परियोजना के लिए विश्व बैंक ने बांग्लादेश और नेपाल से भी एनओसी मांगी है।
विज्ञापन


गंगा में इलाहाबाद से हल्दिया तक 1620 किलोमीटर लंबा जलमार्ग विकसित किया जा रहा है। इस योजना की फंडिंग वर्ल्ड बैंक रहा है। वाराणसी सहित चार स्थानों पर मल्टी मॉडल टर्मिनल बनाए जा रहे हैं। दरअसल, वर्ल्ड बैंक जब किसी परियोजना से जुड़ता है तो परियोजना से परोक्ष-अपरोक्ष रूप से जुड़े सभी देशों से एनओसी ली जाती है।

आईडब्ल्यूएआई के प्रवक्ता बृजेश के मुताबिक चीन से एनओसी लेने के पीछे कारण यह है कि तिब्बत के कई जलस्रोतों से गंगोत्री को जलापूर्ति होती है। एनओसी के लिए वर्ल्ड बैंक की ओर से 16 जून को चीन की फाइनेंस मिनिस्ट्री को पत्र लिखा गया। 27 जुलाई को चीन की तरफ से किसी प्रकार की आपत्ति न होने संबंधी पत्र विश्व बैंक के कंट्री डायरेक्टर ओन्नो रूहल को प्राप्त हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें