कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म आठ पर सुबह 10 बजे ट्रेन पहुंची। 15 बच्चों को आरपीएफ ने नीचे उतारा। सभी बच्चों के पास बक्सर से राजकोट का जनरल टिकट था। आरपीएफ की ओर से इसकी सूचना जीआरपी, कमिश्नरेट पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिक यूनिट को दी गई। सूचना पर पहुंची कमिश्नरेट पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की।
आरपीएफ इंस्पेक्टर संदीप कुमार यादव ने बताया कि 15 बच्चों को तीनों लोगों ने अलग-अलग जगहों पर बिठाया था। पूछताछ में सीता ने बताया कि वह 10 बच्चों को लेकर जा रही थी। जबकि सुरेंद्र के पास एक और मंतोष 4 बच्चों को लेकर जा रहा था।
आरपीएफ पोस्ट में बिठाए गए बच्चों में से पांच ने बताया कि आरोपियों ने दो-दो हजार रुपये दिए थे। बक्सर से ट्रेन में यह कहकर बिठाया गया था कि राजकोट में सीमेंट, पाइप की फैक्ट्री में काम दिलाया जाएगा। उनको 10-15 हजार रुपये महीना मिलेगा। कुछ बच्चों ने यह भी बताया कि उनके अभिभावकों को भी रुपये दिए गए थे।