परिषदीय विद्यालयों में अब हर दो हफ्ते में छात्रों का यूनिट टेस्ट होगा। शैक्षिक वातावरण में सुधार व बच्चों के लर्निंग लेवल को बढ़ाने के लिए यह बदलाव किया जा रहा है। इसके आधार पर पढ़ने में कमजोर छात्रों पर शिक्षक ज्यादा ध्यान दे पाएंगे। वहीं शिक्षकों को शिक्षण कार्यों के संबंध में डायरी लिखनी होगी।
यूनिट टेस्ट के माध्यम से शिक्षक उन छात्रों का आकलन करेंगे जिनका लर्निंग लेवल व बौद्धिक क्षमता कमजोर है। लर्निंग लेवल कम होने पर उनका समूह बनाकर रोज रिमेडियल टीचिंग की जाएगी। जिसकी अलग से कक्षाएं होंगी व छात्रों को अलग तरीके से पढ़ाया जाएगा। छात्रों को रोज समाचार पत्र पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। बच्चों से समाचार पत्र में दिए गए विषय वस्तु पर प्रश्न पूछे जाएंगे।
तकनीक से बढ़ाएंगे लर्निंग लेवल
टीचिंग मॉड्यूल में शिक्षकों को करीब 18 तकनीक बताए गए हैं। लर्निंग लेवल बढ़ाने के लिए शिक्षक अलग अलग तकनीक का प्रयोग करेंगे। छात्रों का लर्निंग लेवल बढ़ाने के लिए टीचिंग मॉडल में से कौन सा तकनीक अपनाएंगे इसके बार में डायरी में विस्तार से बताना होगा।
शासन के आदेश पर यह बदलाव अभी से लागू हो गए हैं, लेकिन विद्यालय बंद होने से बच्चे अभी नहीं आ रहे हैं। जैसे ही विद्यालय में शिक्षक और छात्र दोनों उपस्थित रहेंगे, यह व्यवस्था उसी दिन से लागू क र दी जाएगी। - राकेश सिंह, बीएसए