बंगाल, गुजरात व असम की तर्ज पर अब प्रदेश के विभिन्न जिलों में सरकारी व निजी स्कूलों के साथ मान्यता प्राप्त मदरसों में अब छात्रों का फर्जी नामांकन नहीं हो सकेगा। इसको रोकने के लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत अब चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा।
प्रदेश में इस सिस्टम को विकसित करने के लिए शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में कोर टीम का गठन किया गया है। जिसमें मऊ के प्राथमिक विद्यालय रकौली के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार सिंह सहित बाराबंकी, गोंडा, फतेहपुर, बलरामपुर, गोरखपुर, बुलंदशहर, श्रावस्ती के प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापकों को सदस्य नामित किया गया है।
नई प्रक्रिया के तहत छात्रों का पूरा रिकॉर्ड यू डायस के जरिये ऑनलाइन होगा। इसके साथ ही इस रिकॉर्ड को छात्र के आधार कार्ड से भी लिंक कराया जाएगा। वर्तमान में जिले के सरकारी, सहायता व मदरसे में दो लाख 22 हजार छात्र पंजीकृ त है। अब तक इन छात्रों की संख्या सर्व शिक्षा अभियान के एकीकृत सूचना प्रणाली पर फीड की जाती रही है। लेकिन इन सरकारी स्कूलों के साथ मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों व मदरसों में अक्सर छात्रों की फर्जी नामांकन की शिकायतें आती रहती हैं।
सर्व शिक्षा अभियान के एकीकृत सूचना प्रणाली यू डायस पर छात्रों के शैक्षिक रिकॉडों समेत उनका पूरा विवरण एक पोर्टल पर फीड किया जाना है। पोर्टल पर बच्चों का डाटा फीड होने के बाद नामांकन में होने वाले फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी।
- राकेश सिंह, बीएसए