फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिर्फ कानूनी माध्यम से नहीं रोका जा सकता है बाल विवाह

विज्ञापन
विज्ञापन
जीएलए विश्वविद्यालय मथुरा के विधि अध्ययन एवं शोध संस्थान के निदेशक प्रो. ओंकार नाथ तिवारी ने कहा कि बाल विवाह को सिर्फ कानूनी माध्यम से नहीं रोका जा सकता है, इसके लिए हमें समाज में जागरूकता के साथ-साथ बुनियादी आवश्यकताओं पर भी ध्यान देना होगा।
विज्ञापन

वह बुधवार को डॉ. शंभुनाथ सिंह रिसर्च फाउंडेशन एवं चाइल्ड राइट्स एंड यू के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रस्तावित संशोधन एवं इसकी प्रस्तावित नियमावली पर आयोजित वेबिनार को संबोधित कर रहे थे। महिला कल्याण विभाग के उपनिदेशक पुनीत मिश्रा ने कहा कि प्रस्तावित नियमावली में बाल विवाह के सभी आयामों को ध्यान में रखते हुए प्रावधान किए गए हैं, ताकि एक तरफ पीड़ित बच्चों को न्याय मिल सके। इस दौरान प्रो. कुमार स्कंद पांडेय, प्रो. मधु कुशवाहा, प्रमोद प्रधान, डॉ. लेनिन रघुवंशी, श्रुति नागवंशी, मो. रेहान, बेबी नाज, राजकुमार शर्मा, नरेश पारस आदि ने विचार व्यक्त किए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें