आशंका पर गांव के युवकों ने पानी भरे गड्ढे में कूदकर बच्चे की तलाश शुरू की। दोपहर दो बजे आशु का शव मिला। ग्रामीणों ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी और बच्चे को दीनदयाल अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बेटे का शव देखते ही मां बेसुध हो गई। परिवार में कोहराम मच गया। आशु पटेल कक्षा दूसरी का छात्र था।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि आशु अपने दो भाइयों में बड़ा था। उसका छोटा भाई अंकित पांच साल का है। अभय पटेल की पांच साल की बेटी की एक साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। साल भर के अंदर दूसरे संतान की मौत से अभय का परिवार टूट गया। मां काजल पटेल, दादा श्यामनारायण पटेल और दादी मुन्नी देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। थाना प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि शव को संरक्षण में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अभी तक परिजनों ने किसी के खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी है।
बेटे के लिए पूड़ी-सब्जी बनाकर इंतजार कर रही थी मां
बेटे का शव देखते ही मां काजल बिलख उठी। घर पर ढांढ़स बंधाने पहुंचीं पड़ोस की महिलाओं से वह यही कह रही थीं कि अपने बचवा के खाना पर इंतजार करत रहली... पूड़ी-सब्जी बनल रहल। हमे ना पता रहल कि बचवा हमार अब कब्भो न अईहन...। मां और दादी मुन्नी को बिलखता देख मौजूद हर किसी की आंखें डबडबा गईं। रक्षाबंधन त्योहार से पहले इस घटना से गांव में भी शोक है।