खेल के दौरान अचानक नैना का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे पानी से भरे टैंक में जा गिरी। आसपास मौजूद बच्चों ने शोर मचाया तो परिजन और स्थानीय लोग मौके की ओर दौड़े। काफी प्रयास के बाद बच्ची को टैंक से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
घटना की सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इस हृदयविदारक घटना से पूरे मोहल्ले में मातम छा गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि निर्माणाधीन सेफ्टी टैंक खुला छोड़ दिया गया था, जिससे पहले भी हादसे की आशंका बनी हुई थी। लोगों ने निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर नाराजगी जताई।
घटना के बाद आसपास के लोगों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। सभी मासूम बच्ची की मौत से बेहद मर्माहत दिखे। परिजनों ने बिना पुलिस कार्रवाई के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।