चंचल के दोस्त भी इस दौड़ में बिछड़ गए। वे दोनों किशोर भी उसे देख नहीं सके और निराश होकर घर लौट गए। जब देर शाम तक चंचल घर नहीं पहुंचा तो घर के सदस्यों ने गांव में और आसपास चारों तरफ उसकी तलाश की। किशोर का पता न चलने पर परिवार वालों ने मंगलवार की सुबह बाजार की मस्जिद पर लगे लाउडस्पीकर से एनाउंस कराया फिर भी किशोर का कोई सुराग नहीं लगा।
चंचल के परिवार वालों ने उसकी तलाश करते हुए आम के बगीचे की ओर गए। वहां पास में ही स्थित एक कुएं में झांक कर देखा तो चंचल उसमें गिरा हुआ दिख गया, जिसकी मौत हो चुकी थी। किशोर की लाश मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
सूचना के बाद थाना प्रभारी कुमुद शेखर सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने गांव वालों के सहयोग से किशोर के शव को कुएं से बाहर निकलवाया। उन्होंने मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
झाड़ियों से ढका हुआ था कुंआ
जिस कुएं में चंचल गिर गया था। वह झाड़ियों से ढंका हुआ है, बाहर से देखने पर पता ही नहीं चल रहा था कि वहां कुंआं भी है। लोग यह देखकर हैरत में पड़ गए कि चंचल कैसे यहां पहुंच गया होगा।