दूषित पेयजल और गंदगी के चलते क्षेत्र के चिलबिला गांव की हरिजन बस्ती में डायरिया फैल गया है। उल्टी और दस्त से पीड़ित एक किशोरी और एक युवक की सोमवार की रात मौत हो गई। मंगलवार को इसकी सूचना पाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर ओआरएस के पैकेट और दवाइयां वितरित की। साथ ही गंभीर हालत में एक महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, बसनी में भर्ती कराया।
चिलबिला में हरिजन बस्ती निवासी मेवालाल की बेटी पूनम (15) को शाम को उल्टी-दस्त होने लगे। घर वालों ने मेडिकल स्टोर से दवा खिलाई लेकिन उसे आराम नहीं हुअ। लगातार उल्टी-दस्त से देर रात उसकी हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। इसी तरह अपने नाना मूलचंद के घर रह रहा किशन (18) पुत्र कमलेश भी उल्टी-दस्त से परेशान था। रात में हालत गंभीर होने पर उसकी भी मौत हो गई।
इसी तरह, बस्ती की सुरसत्ती देवी पत्नी मेवालाल भी डायरिया की चपेट में आ गई। बुधवार को सुबह पूर्व प्रधान सभाजीत सरोज ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बसनी को बीमारी से मौत की सूचना दी। कुछ देर बाद एक फार्मासिस्ट और आशा ने गांव पहुंचकर क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस के पैकेट बांटे। साथ ही पीड़ित महिला को अस्पताल ले गये।
ग्रामीणों ने बताया कि जलभराव, गंदगी और दूषित पेयजल के कारण संक्रमण फैला है। वहीं, पीएचसी प्रभारी डॉ. आरके सिंह ने बताया कि किशन की मौत पेशाब रुकने की वजह से हुई है जबकि किशोरी को उल्टी होने पर झोलाछाप चिकित्सकों से इलाज कराया गया था, जो मौत का कारण हो सकता है।