अदालतों में बुनियादी सुविधाओं पर कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत आवश्यक है, इस पर कार्य हो रहा है, क्योंकि इंफ्रास्ट्रक्चर अच्छा होने पर कार्य भी अच्छा होता है। कोरोना काल के समय रुके कार्यों को भी हमें प्राथमिकता देनी होगी।
अधिवक्ताओं को संबोधित करते उन्होंने कहा कि जनवरी से कचहरी परिसर से बाहर चल रही अदालतें भी इसी परिसर में संचालित होने लगेंगी। उनका प्रयास होगा कि अधिवक्ताओं द्वारा बताई गई समस्याओं को निस्तारित कर सकें। समारोह में हुए सम्मान व स्वागत से अभिभूत होकर उन्होंने कहा कि बाबा की नगरी में इस तरह का स्वागत व सम्मान पाना गौरवांवित करने वाला है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि समेत अन्य अतिथियों को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। समारोह में इलाहाबाद हाइकोर्ट के रजिस्ट्रार आशीष गर्ग, जिला जज डॉ. अजय विश्वेश, बार कौंसिल ऑफ इंडिया के को-चेयरमैन श्रीनाथ त्रिपाठी, यूपी बार कौंसिल के सदस्य द्वय अरुण त्रिपाठी व हरिशंकर सिंह, सेंट्रल बार अध्यक्ष अशोक उपाध्याय, बनारस बार अध्यक्ष विनोद कुमार पांडेय, महामंत्री द्वय कन्हैया पटेल व विवेक सिंह समेत कई न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण व कर्मचारी उपस्थित रहे।
समारोह में मंच पर बैठाए नहीं जाने बार कौंसिल के सदस्य अरुण त्रिपाठी और हरिशंकर सिंह खफा हो गए। इस दौरान नारेबाजी करते हुए समारोह से बाहर चले गए। हालांकि तुरंत बाद ही मुख्य न्यायाधीश के कहने पर दोनों को मंच पर बैठाया गया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि घर परिवार की बात है, किसी को नाराज होने की आवश्यकता नहीं है। नाराजगी भी उनका अधिकार है।
पिंडरा तहसील में अधिवक्ताओं के लिए दो मंजिला बिल्डिंग बनकर तैयार है। इसका प्रधानमंत्री लोकार्पण करेंगे। एक करोड़ 64 लाख से दो मंजिला भवन बनाया गया है। इसमें चार बड़े हाल बने हैं। लगभग 70 से 80 अधिवक्ता इस भवन में बैठ सकेंगे। पीडब्लूडी के सहायक अभियंता जितेंद्र सिंह ने बताया कि भवन का काम पूरा हो गया है।