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भंडार और दान के रिकॉर्ड की जांच के लिए छह को नोटिस

Sat, 19 Sep 2015 02:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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विश्वनाथ मंदिर के भंडार के अलावा दान और चढ़ावे के रिकॉर्ड की जांच के लिए शुक्रवार को छह लोगों को नोटिस जारी किया गया। इसमें सोने-चांदी के रिकार्ड के अलावा अन्य पत्रावलियां न देने वाले दो लिपिक भी शामिल हैं। दान के लिए मनमाना खोले गए बैंक खातों का भी विवरण अभी तक न दिए जाने पर उच्चाधिकारियों ने नाराजगी जताई है। उधर, सीईओ से गड़बडि़यों के साक्ष्य मिटाने की शिकायत भी की गई है।
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रिकार्ड पेश करने में लिपिकों के टालमटोल को जांच प्रभावित करने के रूप में देखा जाने लगा है। मंदिर में दक्षिणा लेने की फुटेज लीक होने, चढ़ावा-दान की हेराफेरी संबंधी लिपिकों-पुजारियों की शिकायतों के अलावा वित्तीय गड़बडि़यों की जांच मंडलायुक्त के निर्देश पर सीडीओ विशाख को सौंपी गई है।हफ्ते भर बाद भी सीडीओ को दान-चढ़ावे के रिकार्ड के अलावा बैंक खातों का विवरण नहीं दिया जा सका है। बाबा के भंडार में सावन के दौरान संन्यासियों के हिस्से का भोजन अफसरों, कर्मियों को कराने और फर्जी बाउचर बनाकर गोलमाल करने की शिकायत की जांच कर रहे अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने इस मामले में बयान दर्ज करने के लिए गुरुवार को सभी पक्षों को नोटिस जारी किया।

भंडार में गोलमाल की शिकायत करने वाले दानदाता अजय शर्मा के अलावा लिपिक अरुण कुमार मिश्रा, भंडारी अंशू मिश्रा, दुर्गा मिश्रा को दो दिन के भीतर मंदिर कार्यालय में उपस्थित होकर साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया। इसके अलावा लिपिक महावीर और दिनेश पांडेय को भी नोटिस जारी कर जांच से संबंधित रिकॉर्ड दो दिन के भीतर प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया गया। अजय शर्मा ने सीईओ को दोबारा पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई कि साक्ष्य मिटाने के लिए लगातार प्रसास किए जा रहे हैं और गड़बड़ी करने पर कार्रवाई करने की बजाए उनको बचाने की कोशिश की जा रही हैं। एसीईओ पीएन द्विवेदी ने बताया कि नोटिस जारी कर रिकॉर्ड मांगे गए हैं। दो दिन के भीतर अगर रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए गए तो संबधितों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति कर दी जाएगी।
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