वाराणसी। चौकाघाट लकड़ी मंडी के समीप मंगलवार को जौनपुर के दवा व्यवसायी रघुनंदन जायसवाल बीते दिनों 50 हजार की चपत लगाने वाले ऑटो ड्राइवर और दो उचक्कों से अकेले ही भिड़ गए। रघुनंदन ने ऑटो की चाबी निकाल कर शोर मचाया तो मौके पर भीड़ जुट गई। इसके बाद ड्राइवर और उचक्के ऑटो छोड़ कर भाग निकले। सूचना पाकर चेतगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और ऑटो को अपने कब्जे में ले ली। पुलिस ड्राइवर और उचक्कों की तलाश कर रही है।
जौनपुर के जलालपुर निवासी दवा व्यवसायी रघुनंदन जायसवाल ने पुलिस को बताया कि वह बीते नौ अक्तूबर को मैदागिन स्थित सप्तसागर मंडी से दवा लेने के लिए आए थे। चौकाघाट स्थित लकड़ी मंडी के समीप बस से उतर कर वह ऑटो में बैठ गए। दो लोग पहले से ही ऑटो की पिछली सिट पर बैठे हुए थे। रघुनंदन जब मैदागिन चौराहा पर ऑटो से उतरे तो उन्हें पता लगा कि उनके 50 हजार रुपये गायब हैं और पीछे बैठे दोनों युवक भी नहीं हैं। जब तक वो ड्राइवर से कुछ बात करते तब तक वह भी ऑटो लेकर मैदागिन चौराहे से आगे बढ़ गया था। उस दिन रघुनंदन पुलिस को बिना सूचना दिए ही घर लौट गए थे। मंगलवार को रघुनंदन करीब दो लाख रुपये लेकर दवा की खरीदारी करने के लिए आए थे। वह फिर चौकाघाट से मैदागिन जाने के लिए ऑटो में बैठे। रघुनंदन ने पुलिस को बताया कि जब वह ऑटो में बैठे तो उनको वही उचक्के फिर पिछली सीट पर बैठे दिखे, जिन्होंने उन्हें नौ अक्तूबर को 50 हजार का चूना लगाया था। इस पर वह ऑटो ड्राइवर और दोनों उचक्कों से अकेले ही भिड़ गए। हालांकि तीनों मौके से भाग निकले। इस संबंध में इंस्पेक्टर चेतगंज प्रवीण कुमार ने बताया कि ऑटो को कब्जे में लेकर चालक और दो अन्य की तलाश की जा रही है।
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मूकदर्शक बनी रही ट्रैफिक पुलिस, नहीं की मदद
दवा कारोबारी रघुनंदन जहां एक तरह उचक्कों से अकेले ही भिड़े थे, वहीं चौकाघाट के समीप वाहनों की चेकिंग कर रही ट्रैफिक पुलिस मूकदर्शक बनी रही। रघुनंदन ने कई बार पुलिस-पुलिस चिल्लाया, लेकिन चंद कदमों की दूरी पर खड़े यातायात पुलिसकर्मी मौके पर जाना मुनासिब नहीं समझे। कुछ लोग रघुनंदन की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे तब तक तीनों वहां से भाग निकले थे। लोगों ने कहा कि यदि ट्रैफिक पुलिसकर्मी तेजी दिखाई होते तो शायद तीनों उचक्के पकड़ लिए गए होते।