पूर्व प्रधानमंत्री और किसानों के मसीहा कहे जाने वाले चौधरी चरण सिंह 1980 में समाजवादी नेता और लोकसभा के प्रत्याशी रहे राजनारायण सिंह के समर्थन में वोट मांगने काशी आए थे। बेनियाबाग के मैदान में उन्होंने कहा था, मैंने इंदिरा गांधी पर हुए मुकदमे को वापस लेने से इन्कार कर दिया था, इसलिए उन्होंने मेरा समर्थन नहीं किया और मैं सरकार नहीं बना पाया।
समाजवादी विचारक विजय नारायण सिंह ने बताया कि उसी चुनाव में चौधरी चरण सिंह की सभा व बैठक राजातालाब में भी हुई थी। उन्होंने लोगों से राजनारायण सिंह के समर्थन लोगों से वोट मांगे थे। उनका पूर्वांचल के नेताओं से गहरा लगाव था। वाराणसी के पूर्व केंद्रीय मंत्री श्यामलाल यादव, राजवारी नरसिंह यादव, गाजीपुर में विधायक रहे रामकरण यादव, आजमगढ़ में रामजन्म यादव से उनका गहरा लगाव था।
उन्होंने वाराणसी के भी हजारों किसानों को जमींदारी प्रथा से मुक्ति दिलाई थी। विजय नारायण सिंह ने चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने पर प्रसन्नता जताई। कहा कि उनको बहुत
पहले ही यह सम्मान मिल जाना चाहिए था। चौधरी चरण सिंह काशी में लोकसभा के दौरान ही राजातालाब गए थे। उनकी याद में बड़ी खजुरी में उनकी प्रतिमा लगाई गई है।