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प्रधान पति को रिवाल्वर सटाया, चौबेपुर थाने के गेट पर पथराव

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चौबेपुर (वाराणसी)। कैथी गांव में बुधवार की शाम पीडब्ल्यूडी के ठेकेदारों से बकाया मांगने का विवाद तूल पकड़ लिया। इस दौरान चौबेपुर थाने के गेट पर पथराव हुआ और भगदड़ मच गई। सूचना पाकर एसपी ग्रामीण चौबेपुर थाने पहुंचे और तहरीर के आधार पर कार्रवाई का निर्देश दिए।
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चौबेपुर थाना अंतर्गत कैथी स्थित साइट पर पीडब्ल्यूडी के कुछ ठेकेदार अपना सामान इकट्ठा कर वाहन में लदवा रहे थे। कैथी गांव के प्रधान पति अजय यादव के अनुसार उन्होंने अपने बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान का बकाया 20 हजार रुपये ठेकेदार से मांगा। इसी को लेकर कहासुनी होने लगी। कहासुनी के दौरान ही एक ठेकेदार ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर प्रधान को सटा दी। गांव के लोगों ने ठेकेदार की रिवाल्वर छीन कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे चौबेपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार दोनों पक्षों को पकड़ कर थाने ले आए। थाने पहुंचने पर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़, भीम यादव, धर्मेंद्र यादव, जिला पंचायत सदस्य अखिलेश यादव व उमेश यादव सहित कई कार्यकर्ता आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग लेकर चौबेपुर थाने के बाहर घंटों जमे रहे। इस बीच ठेकेदार पक्ष का एक युवक बाहर निकला तो सपा कार्यकर्ता उससे झड़प कर थाने के गेट पर पथराव कर दिए। इसके चलते भगदड़ मच गई। पुलिस ने लाठी पटक कर सभी को तितर-बितर किया। एसपी ग्रामीण मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। कुछ लोगों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने नहीं दिखाई सूझबूझ और बिगड़ गया मामला
चौबेपुर कस्बे के लोगों का कहना था कि पुलिस की अपरिपक्वता के चलते मामला बिगड़ा। जब किसी को लोग रिवाल्वर के साथ पकड़े और पुलिस को सौंपे तो इतनी देर तक पंचायत की भला क्या जरूरत थी। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच करनी चाहिए थी। लंबी पंचायत के दौरान ही पुलिस के सामने सोशल डिस्टेंसिंग का नियम तार-तार हुआ। पुलिस चाहती तो लोग थाने पर इकट्ठा न हो पाते और पथराव व भगदड़ की स्थिति न उत्पन्न होती। उधर, एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने भी चौबेपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। माना जा रहा है कि एसएसपी की नाराजगी का दुष्परिणाम चौबेपुर थाने के लापरवाह पुलिसकर्मियों को भुगतना पड़ेगा।
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