मैदागिन के कंपनी गार्डन में बने पोखरे में टूटा फव्वारा।
- फोटो : अमर उजाला
स्मार्ट सिटी बनाने के नाम पर बनी एजेंसी वीएससीएल ने शहर में कई जगहों पर सुंदरीकरण करने का प्रयास किया था। बाद में इन्हें संबंधित विभागों के हाथ में सौंप दिया। कुछ ही दिनों में उनके सारे किए कराए काम बदसूरत दिखाई पड़ रहे हैं। इनमें मैदागिन के पार्क में लगे फव्वारे हों या फिर सोनिया तालाब का काम। वार्डों का विकास हो या फिर पार्क और कुंडों का सुंदरीकरण कार्य। सारे काम इस समय छिन्न-भिन्न अवस्था में हो गए हैं।
कालभैरव वार्ड का विकास स्मार्ट वार्ड के रूप में किया गया। यहां दीवारों पर लगी पेंटिंग खराब हो चुकी है। सड़कों पर गंदगी है। शाम के चार बजे तक कूड़ा नहीं उठ रहा है। इसी प्रकार मैदागिन पार्क में लगे फव्वारे खराब हो गए हैं। झूले टूटे पड़े हैं। पैडल नाव खराब और ओपन जिम के उपकरण टूटे हैं। यही हाल शास्त्री पार्क सिगरा का है।
यही नहीं हाल ही में रत्नाकर पार्क को खोदकर छोड़ दिया। सोनिया तालाब पर आधा काम कराके छोड़ दिया गया है। वार्डों में सीवर, पेयजल, जल निकासी की समस्या व्याप्त है। स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त नहीं हैं।
कैमरों पर जमी धूल, उखड़े गुलाबी पत्थर
एडवांस सर्विलांस सिस्टम, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, शहर के चप्पे चप्पे पर तीसरी आंख कैमरे लगाए गए हैं। इन पर धूल जमी है। इसी प्रकार जिन वार्डों में गुलाबी पत्थर लगाए गए थे वे भी उखड़ गए। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर, आधुनिक सुविधाओं से युक्त नमो घाट, शहर को जाम से मुक्ति दिलाती कई आधुनिक पार्किंग, कई पार्को का जीर्णोद्धार हुआ। जो अब खराब होने लगे हैं।
घाटों पर फसाड लाइट और घाटों के महत्त्व को बताते हुए साइनेज, कल्चरल अपलिफ्टमेटेंट के तहत गंगा आरती और श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर की आरती का शहर में लाइव प्रसारण, इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन, कई जगह पर फ्री वाई-फाई सुविधा, दशाश्वमेध घाट पर पर्यटक सुविधा आदि काम हुए हैं। लेकिन रखरखाव के अभाव में इनकी छवि मलिन हो रही है।