Varanasi News: ऐसे मामले हर दिन सामने आते हैं। यह नियम यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया है। लेकिन यात्री इसकी जानकारी नहीं रखते हैं। ज्यादातर दिक्कत उन यात्रियों के साथ आ रही है, जो ट्रैवल एजेंट से टिकट बुक कराते हैं।
जानकारी न होने से कंफर्म सीट के बावजूद रेल यात्रियों को वेटिंग मिल रही है। सुविधा होने के बावजूद बोर्डिंग स्टेशन न बदलवाने से उनकी सीट वेटिंग यात्रियों को आवंटित कर दी जा रही है। इसे लेकर जांच दल और यात्रियों में नोकझोंक होती है। अंत में उन्हें जनरल कोच में यात्रा करनी पड़ती है।
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ट्रेन में चेकिंग दल के टीटीई को रेलवे ने टेबलेटनुमा हैंड हेल्ड टर्मिनल (एचएचटी) दिया है। इस मशीन के जरिये टिकट चेकिंग स्टाफ खाली सीट की जानकारी रियल टाइम अपलोड कर देता है। ऐसा करने से चेकिंग दल वेटिंग यात्री को सीट आवंटित कर देता है। हालांकि ऐसा करने से पहले टिकट चेकिंग दल बोर्डिंग स्टेशन से दूसरे स्टेशन या फिर 20 मिनट तक इंतजार करता है।
कैंट स्टेशन के जांच दल ने बताया कि बहुत से यात्री बोर्डिंग स्टेशन बदल देते हैं। इसकी जानकारी ऑनलाइन या ऑफलाइन रेलवे को नहीं देते हैं। जब कोच में सवार होते हैं तो उन्हें पता चलता है कि उनका बर्थ किसी और को दे दिया गया है। इसके बाद या तो यात्री जनरल कोच में यात्रा करते हैं या फिर पेनाल्टी भरते हैं।
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केस-एक
दारानगर के रहने वाले कृष्णकांत तिवारी को श्रमजीवी एक्सप्रेस से लखनऊ जाना था। पीडीडीयूनगर से बोर्डिंग थी लेकिन उन्होंने ट्रेन कैंट स्टेशन से पकड़ी। इस बीच टीटीई ने ट्रेन कैंट स्टेशन पहुंचने से पहले ही सीट दूसरे यात्री को आवंटित कर दी। कृष्णकांत सीट पर पहुंचे तो दूसरा यात्री मिला। इसे लेकर काफी जिच हुई। आखिरकार कृष्णकांत को जनरल कोच में सफर करना पड़ा।
केस-दो
मिर्जापुर निवासी बृजेश चौरसिया को महानगरी से मुंबई जाना था। मिर्जापुर से टिकट नहीं मिला तो वाराणसी कैंट से बोर्डिंग कराई। मिर्जापुर में ट्रेन में पहुंचे तो सीट किसी अन्य यात्री को आवंटित हो चुकी थी। ट्रेन में सवार टीटीई ने कहा कि घंटे भर बाद तीन स्टेशन पार होकर ट्रेन मिर्जापुर पहुंचने के कारण बर्थ आवंटित कर दी गई। थक हार कर बृजेश को जनरल कोच में यात्रा करनी पड़ी।
बोले अधिकारी
आईआरसीटीसी ने यात्रा से 24 घंटे पहले बोर्डिंग स्टेशन बदलवाने की सुविधा दी है। ऑनलाइन टिकट लेने वाले यात्री आईआरसीटीसी के वेबसाइट पर जाकर बदलाव कर सकते हैं। जबकि काउंटर टिकट लेने वाले यात्री किसी भी आरक्षण केंद्र में जाकर बदलाव करा सकते हैं। बोर्डिंग स्टेशन न बदलवाने से दिक्कत आ रही है। - अशोक कुमार, जनसपंर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे