पत्रकारों के बल पर हमने स्वराज पाया और अब स्वराज को सुराज में बदलना भी पत्रकारिता ही जिम्मेदारी है। ये बात राज्यपाल रामनाईक ने रविवार को बीएचयू के केएन उडुप्पा सभागार में ‘टर्निंग इंडिया’ पत्रिका के 60वें अंक के लोकार्पण समारोह के दौरान कही।
हालांकि उन्होंने इस बात पर चिंता भी जताई कि इन दिनों पत्रकारिता की विश्वसनीयता कम होती जा रही है। कहा कि पहले अखबार में छपने वाली हर बात को लोग सच मानते थे लेकिन अब ये आस्था कम होती जा रही है।
राज्यपाल ने हिंदी अखबारों और पत्रिकाओं द्वारा अंग्रेजी इस्तेमाल पर भी चिंता जताई। इस मौके पर समाज में बेहतर काम करने के लिए अपराजिता सिंह, सुमेध भाटिया, प्रो. केके गुप्ता, प्रो. श्यामसुंदर पांडेय, अभिषेक जैन, डॉ. एसके सिंह, शांतनु श्रीवास्तव, विपिन सोनी, गोपाल अरोड़ा, पारितोष बजाज, अनुराग त्रिपाठी को सम्मानित किया गया।
बीएचयू के कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने अध्यक्षीय वक्तव्य में कहा कि परिष्कृत लोकमत का निर्माण पत्रकारिता को निभाना ही होगा क्योंकि यह जिम्मेदारी उसने खुद ली है। विशिष्ट अतिथि विद्यापीठ के कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग, स्वामी नारायण, पत्रिका के संपादक डॉ. कैलाश पति त्रिपाठी, डॉ. शक्ति पांडेय ने विचार व्यक्त किए। मौके पर मोहम्मद रजी, अमरदीप सिंह, प्रो. एनके तनेजा, सत्यनारायण पांडेय, आशुतोष त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।