Chandra Grahan 2025: चंद्रग्रहण का सूतक काल आज 12:57 बजे से शुरू हो जाएगा। ग्रहण का प्रारंभ रात्रि में नौ बजकर 57 मिनट पर होगा। वहीं 3.30 घंटे तक प्रारंभ से अंत तक चंद्रग्रहण दृश्यमान रहेगा।
वर्ष का दृश्यमान पहला और आखिरी चंद्रग्रहण भाद्र शुक्ल पूर्णिमा सात सितंबर को लगेगा। पितृपक्ष से पहले लगने वाला यह ग्रहण साढ़े तीन घंटे तक रहेगा। ग्रहण की शुरूआत से मोक्ष तक यह संपूर्ण भारत में दृश्यमान होगा। ग्रहण का सूतक काल नौ घंटे पहले दिन में 12:57 बजे से ही लग जाएगा। शहर के अधिकांश मंदिरों के कपाट दोपहर 12 बजे से ही बंद हो जाएंगे।
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व सदस्य पं. दीपक मालवीय ने बताया कि भारतीय मानक समयानुसार ग्रहण का प्रारंभ रात्रि में नौ बजकर 57 मिनट पर, ग्रहण का मध्य काल रात्रि 11 बजकर 41 मिनट एवं मोक्षकाल रात 01:27 मिनट पर होगा। ग्रहण का स्पर्श, मध्य व मोक्ष संपूर्ण भारत में दृश्यमान रहेगा। यह ग्रहण भारत के अतिरिक्त पश्चिमी प्रशांत महासागर, हिंद महासागर, पूर्वी अंटलांटिक महासागर, अंटार्कटिका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप में भी दिखायी देगा।
इसके पूर्व भारत में दृश्य ग्रहण आश्विन शुक्ल पूर्णिमा 28 अक्तूबर 2023 को खंडग्रास चंद्रग्रहण भारत में देखा गया था। जबकि 2024 में भारत में कोई भी ग्रहण दृश्य नहीं हुआ था। ग्रहण के सूतक काल के बारे में शास्त्रों में उल्लिखित है कि चंद्रग्रहण में ग्रहण से पूर्व नौ घंटे और सूर्यग्रहण में 12 घंटे पहले सूतक लग जाता है। सूतक काल में बाल, वृद्ध और रोगी को छोड़कर अन्य लोगों को भोजन करना वर्जित बताया गया है। सात सितंबर को खग्रास चंद्रग्रहण से पूर्व दिन में 12 बजकर 57 मिनट से ग्रहण का सूतक काल आरंभ हो जाएगा। सात सितंबर को लगने वाल दृश्य चंद्रग्रहण शतभिषा नक्षत्र तथा कुंभ राशि पर होगा।